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टीबी की जांच के लिए सीबी नाट मशीन के डेढ़ माह से काटरेज खत्म, विकल्प के लिए रखी ट्रूनेट मशीन भी पड़ी बंद

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सिरसा। टीबी (क्षय रोग) को खत्म करने के स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जाने वाले दावे अब फेल होते हुए नजर आ रहे है। टीबी रोग जांचने के लिए विभाग द्वारा रखी गई सीबी नाट और ट्रूनेट मशीनें भी बीते डेढ़ माह से बंद पड़ी ही। मशीनों के बंद होने के कारण नागरिक अस्पताल में टीबी की जांच करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टर निजी लैब और दूसरे अस्पतालों में भेज रहे है। जबकि टीबी जांच करवाने के लिए मरीजों को 6500 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है।
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टीबी जांच के लिए विभाग के पास जिले में केवल एक ही सीबी नाट मशीन है। जिसकी बीते डेढ़ माह से काटरेज खत्म हो चुकी है। जबकि इसके विकल्प के तौर पर विभाग दो ट्रूनेट मशीन लेकर आया था। इसमें से एक मशीन कालांवाली अस्पताल में भेज दी गई जबकि दूसरी मशीन को नागरिक अस्पताल में रख मरीजों की जांच शुरू की गई। लेकिन अब वह भी खराब होने के कारण डॉक्टर मरीजों को निजी लैब और अस्पतालों में जांच के लिए भेज रहे हैं। निजी लैबों में जांच का खर्च अधिक होने के कारण मरीजों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालांकि कई मरीज तो बिना जांच करवाए ही वापस लौट रहे हैं।
टीबी मरीजों की जांच के लिए विभाग की ओर से चलाए जाते हैं अभियान
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय समय पर मरीजों की पहचान और जांच के लिए अभियान चलाए जाते है। लेकिन जो मरीज जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचते है उन्हें डॉक्टर वापस भेज रहे है। विभाग की ओर से जुलाई माह में भी सर्वेक्षण चलाकर कई स्थानों का चयन किया था। अभियान के तहत नेशनल टयूबरक्लासिजज ऐलीमिनेशन प्रोग्राम के सदस्य, एएनएम, आशा वर्कर, एमपीएचडब्ल्यू आदि स्टाफ इन चिन्हित जगहों पर टीम बनाकर टीबी के मरीजों की खोज के लिए स्क्रीनिंग की गई थी। अभियान के दौरान 13 मरीजों का पंजीकरण कर उनका इलाज शुरू किया गया था।
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जिले में 1815 रोगियों को दिया जा रहा मुफ्त इलाज व प्रोत्साहन राशि
जिला में अब 1815 टीबी रोगियों का इलाज विभाग की ओर से किया जा रहा है। सरकार की योजना के अनुसार रोगियों की पहचान कर मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। टीबी आरोग्य साथी एप के साथ रोगियों को जोड़ा गया है। इस एप से टीबी परीक्षण और उपचार विवरण, विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत देय राशि का विवरण, स्वास्थ्य प्रदाता तक पहुंच और इलाज या किसी भी अन्य प्रकार की जानकारी मरीज प्राप्त कर सकता है। विभाग की ओर से प्रत्येक माह 500 रुपये की राशि योजना के तहत मरीज के खाते में डाली जाती है।
डेढ़ माह से प्रदेश में ही खत्म हो चुके काटरेज, कई बार विभाग कर चुका मांग
नागरिक अस्पताल में सीबी नाट मशीन से मरीजों के सैंपल लेकर उनकी जांच की जाती थी। लेकिन डेढ़ माह से सीबी नाट मशीन के काटरेज खत्म होने के कारण मरीजों के सैंपल ही नहीं लिए जा रहे। हालांकि विभाग की ओर से काटरेज मंगवाने के लिए मुख्यालय को कई बार पत्र लिखा गया है लेकिन इसके प्रदेश में ही काटरेज न होने की विभाग अधिकारियों को जानकारी दी जाती है।
सीबी नाट मशीन के काटरेज खत्म होने के कारण मशीन बंद है। इसके विकल्प के लिए ट्रूनेट मशीन से मरीजों के सैंपल लिए जा रहे है। मरीजों की जांच न होने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ट्रूूनेट मशीन बंद पड़ी है तो उसे शुरू करवा दिया जाएगा। ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
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-डॉ. रोहताश कुमार, उप सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा
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