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Sirsa News: कैबिनेट मंत्री रणजीत सिंह भाजपा भाजपा में शामिल, जिला अध्यक्ष ने पटका पहनाकर दिलाई सदस्यता

Sun, 24 Mar 2024 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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माई सिटी ब्यूरो
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सिरसा, हिसार । रानियां विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक व प्रदेश सरकार में बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने रविवार देर शाम को सिरसा स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता ग्रहण करने के कुछ देर बाद ही पार्टी ने उनको हिसार से लोकसभा का उम्मीदवार भी बना दिया। सिरसा की भाजपा जिलाध्यक्ष निताशा राकेश सिहाग ने औपचारिक तौर पर उनको पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर सिरसा लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर अशोक तंवर, वरिष्ठ नेता जगदीश चोपड़ा, जिला महामंत्री सतीश जग्गा, सिरसा नगर मंडल प्रभारी विजय सेठी, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष करण दुग्गल मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष सिहाग ने कहा कि रणजीत सिंह के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को और मजबूती मिली है। अब तक निर्दलीय विधायक के तौर पर उनका समर्थन मिलता रहा था। अब वे भाजपा परिवार में शामिल हो गए हैं। भाजपा की सदस्यता ग्रहण के समय मंत्री के साथ उनके बेटे गगनदीप व पत्नी सहित सभी परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
प्रदेश भाजपा सरकार में हैं कैबिनेट मंत्री

रणजीत सिंह फिलहाल रानियां सीट से निर्दलीय विधायक हैं और प्रदेश भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनके पास जेल और बिजली मंत्रालय है। रणजीत सिंह इससे पूर्व 1987 में विधायक बने थे। इसके बाद वह दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके ,लेकिन जीत नहीं पाए। जब 2019 में उनकी टिकट कटी तो समर्थकों की सलाह पर निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए।
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कांग्रेस में रहकर कभी जीत नहीं पाए रणजीत सिंह



रणजीत सिंह 1987 में चौधरी देवीलाल के नेतृत्व में लोकदल की सरकार में कृषि मंत्री बने। देवीलाल देश के उप प्रधानमंत्री बने तो ओपी चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री, लेकिन रणजीत सिंह ने उनके नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया और कांग्रेस में शामिल हो गए। 1996 के विधानसभा चुनाव में उनको टिकट नहीं मिली। इसके बाद 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरने पर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें हिसार सीट से टिकट दी लेकिन वे हार गए। 2005 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दी पर वे कांग्रेस सरकार में योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे। 2009 में नए परिसीमन के बाद रानियां विधानसभा सीट से लड़े लेकिन कृष्ण कंबोज से हार गए। 2014 में रामचंद्र कंबोज से हार गए। 2019 में टिकट कटने के बाद कांग्रेस से बागी होकर आजाद चुनाव मैदान में उतरे और जीत गए। ऐसे में रणजीत सिंह जितना समय कांग्रेस में रहे, कभी विधायक नहीं बन पाए।
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रोड़ी से 1987 में बने थे विधायक

देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के बेटे और रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह इससे पूर्व सिर्फ एक बार ही विधायक चुने गए हैं। उनकी उम्र करीब 73 साल है। 1967 में उन्होंने चंडीगढ़ से स्नातक की थी। 1987 में वो रोड़ी विधानसभा सीट से लोकदल की सीट पर विधायक चुने गए थे। उस समय वे कृषि मंत्री बने थे। 1987 में जीतने के बाद उनको फिर 2019 में ही जीत नसीब हुई। इसी समय अंतराल में उन्होंने हिसार सीट से लोकसभा चुनाव भी लड़ा पर जीत नहीं पाए।



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