सिरसा। आंदोलन स्थगित होने के बाद अब किसानों ने पक्का मोर्चा धरना स्थलों से धरना समाप्त कर दिया है। शाम चार बजे के बाद सिरसा के भावदीन और खुईयां मलकाना टोल प्लाजा शुरू हो गया। चार बजे के बाद टोल से गुजरने वाले चार पहिया वाहन चालकों को इसका टैक्स भी अदा करना पड़ा।
टोल खुलने के पहले दिन फास्टैग में राशि न होने के कारण वाहनों पर लगे स्टीकर भी ब्लैक लिस्ट होते नजर आए। जिसके कारण यहां पर जाम की स्थिति बनी रही। कई वाहन चालक कर्मचारियों के साथ बहस करते हुए नजर आए। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों ने भावदीन और खुईयां मलकाना टोल प्लाजा को 353 दिन पहले पर्ची मुक्त कर दिया था। जिसके बाद किसानों ने टोल प्लाजा पर ही पक्का मोर्चा लगा दिया और धरना शुरू कर दिया। तभी से किसानों का यहां लगातार आंदोलन चल रहा था। लेकिन सरकार की ओर से कृषि कानूनों को वापस लिए जाने का ऐलान करने के बाद किसानों ने भी आंदोलन स्थगित करने का ऐलान कर दिया। 13 दिसंबर को किसानों ने भावदीन, खुईयां मलकाना और शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में अखंड पाठ रखवाया। बुधवार को भोग डलने के बाद शाम चार बजे किसानों ने धरनास्थल खत्म कर दिए। वहीं खेल स्टेडियम से किसानों ने टेंट भी हटा दिए। टोल प्लाजा पर आने और जाने के लिए 5-5 फास्टैग की लाइनें शुरू है। जबकि 1-1 लाइन बिना फास्टैग वाले वाहनों की लगी है।
राशि न होने पर ब्लैक लिस्ट हो रहे फास्टैग
पहले दिन टोल टैक्स शुरू होने के कारण वाहनों पर लगे फास्टैग में राशि न होने के कारण भी ब्लैक लिस्ट होते नजर आए। जिसके कारण टोल पर शाम तक वाहनों की लंबी कतार लगी हुई दिखाई दी। ऐसे में कई वाहन चालक कर्मचारियों के साथ बहस भी करते नजर आए। जिसके बाद वाहन चालक मौके पर ही मोबाइल से फास्टैग का रिचार्ज कर वहां से टैक्स कटवा गुजरते रहे। ऐसे में यहां पर जाम की स्थिति भी बनी रही।
बिना फास्टैग वाहन चालकों से दोगुना वसूला शुल्क
टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग वाले वाहनों के लिए अलग से लाइन लगाई गई। बिना फास्टैग वाली लाइन से गुजरने वाले चालकों को इसका दोगुना शुल्क अदा करना पड़ा। शाम के बाद बिना फास्टैग वाली लाइनों में भी वाहन की लंबी कतार देखने को मिली। वहीं मशीनों और स्टीकरों के खराब होने के कारण कई वाहनों के स्टीकर स्कैन नहीं हो पाए। जिसके कारण कर्मचारी भी मौके पर तैनात दिखे और वाहन के ऊपर चढ़कर स्टीकर स्कैन करते हुए नजर आए।
10 रुपये बढ़ा मासिक पास का शुल्क
करीब एक वर्ष बाद टोल शुरू होने के साथ ही फास्टैग लगाने वाली कंपनियों ने इसका शुल्क भी बढ़ा दिया है। पेटीएम की ओर से पहले फास्टैग का स्टीकर निशुल्क लगाया जाता था, लेकिन अब स्टीकर लगाने के लिए कंपनी की ओर से 300 रुपये लिए जा रहे हैं। जिसमें 150 रुपये फास्टैग में रहते हैं और 150 रुपये कंपनी वसूल रही है। वहीं पास बनवाने के लिए भी अब वाहन चालकों को अधिक राशि देनी पड़ रही है। इससे पहले 275 रुपये अदा करने के बाद मासिक पास बनता था लेकिन अब इसका 10 रुपये शुल्क भी बढ़ा दिया गया है।
2020 का तय टैक्स ही वसूल रहे टोल
एक वर्ष बाद टोल शुरू होने के साथ ही हरियाणा सरकार की ओर से वाहन चालकों को कुछ राहत भी दी गई है। वाहन चालकों से वर्ष 2020 में ही तय किया हुआ शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि कई राज्यों में इसका शुल्क पहले से दोगुना किया गया है।
वर्जन
बुधवार अपराह्न चार बजे के बाद टोल शुरू कर दिए गए हैैं। वाहन चालकों से वर्ष 2020 का तय शुल्क ही वसूला जा रहा है। बिना फास्टैग के वाहन चालकों से दोगुना शुल्क लिया जा रहा है। फास्टैग में राशि न होने के कारण कई वाहनों के फास्टैग ब्लैक लिस्ट हो रहे हैं। जिसके कारण वाहनों की लंबी कतार लग रही है। स्थिति सामान्य है।
-नसीब चहल, मैनेजर, टोल प्लाजा भावदीन सिरसा