सिरसा। कोरोना के बाद अब जिला वासियों में तेजी से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक तीन बार सीरो सर्वे करवाया गया है। तीसरी बार हुए सर्वे में जिले में 72.4 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली है। शहरी क्षेत्र में 80.5 फीसदी जबकि ग्रामीण आंचल में 78.9 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली है।
सीरो सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवाओं के मिलाकर एक हजार लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें ग्रामीण आंचल में 10 जबकि शहरी क्षेत्र में 15 जगहों पर सर्वे किया गया। सर्वे में 576 पुरुषों व 424 महिलाओं के सैंपल लिए गए। पुरुषों में एंटीबॉडी की दर 69.4 फीसदी जबकि महिलाओं में यह दर 76.4 फीसदी पाई गई। हालांकि विभाग की ओर से पहली बार किए गए सर्वे के दौरान 14 फीसदी ही लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। जबकि दूसरे सर्वे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़कर 28 फीसदी तक पहुंच गई थी ऐसे में अब तीसरी बार हुए सर्वे में 72 से अधिक फीसदी लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है। ऐसे में आशंकित कोरोना की तीसरी लहर पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
लगातार बढ़ी एंटीबॉडी, अब नहीं है संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में तीसरी बार सीरो सर्वे हुआ है। पहली बार हुए सीरो सर्वे में जिले में मात्र 7 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। इसके बाद दूसरी बार सीरो सर्वे में एंटीबॉडी की दर बढ़कर 28 फीसदी तक पहुंच गई। दूसरी लहर के बाद जिले में तेजी से एंटीबॉडी बनी। तीसरी बार हुए सीरो सर्वे में 72.4 फीसद लोगों में एंटीबॉडी मिली है।
बीते सीरो सर्वे के मुकाबले इस बार अधिक लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी है। कोरोना और वैक्सीन के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिले में एक हजार लोगों के सैंपल लिए गए थे। परिणाम में 72.4 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली है।
-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा