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आखिर कब होगी वर्कशाप में मेकेनिकों की भर्ती, 28 साल से इंतजार

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अमनदीप कंबोज
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सिरसा। सरकार बदलने के साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए नेताओं की तरफ से दावे किए जाते है। लेकिन सरकार बनने के साथ ही वह दावे हवा हवाई होते हुए नजर आते है और लोगों को सुविधा नहीं मिल पाती। सिरसा डिपो की बसों में भी यात्रियों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। सिरसा डिपो में रोडवेज बसों की कमी के साथ ही कर्मचारियों की भारी कमी है। वर्कशाप में बीते 28 वर्षों से मेकेनिकों की कमी है। रोडवेज बसों की मरम्मत करने का कार्य अब ट्रेनिंग लेने के लिए आने वाले छात्राओं के कंधों पर है। रोडवेज वर्कशाप में कुल 228 पद स्वीकृत है लेकिन इनमें से 157 पद लंबे समय से खाली पड़े है।
सिरसा डिपो में रोडवेज चालक, परिचालक और मैकेनिकों सहित 1079 कर्मचारियों के पद स्वीकृत है। जिसमें से 329 कर्मचारी डिपो में तैनात है। इनमें से सबसे अधिक वर्कशाप में कार्य करने वाले मैकेनिकों के पद खाली है। जिसके कारण रोडवेज बसों की समय पर न तो मरम्मत हो पाती है और न ही ठीक तरह से काम हो पाता है। मरम्मत कार्य ठीक तरह से न हो पाने के कारण रोडवेज बसें बीच रास्ते में ही खड़ी हो रही है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। वहीं डिपों में कुल 255 बसों की आवश्यकता है। लेकिन जिले में केवल 174 बसें ही ऑनरूट है। बसों की कमी होने के कारण कई रूट पर बसों का संचालन नहीं हो पाता और यात्रियों को बसों का घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
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रोडवेज में इतने कर्मचारियों की अधिक कमी
कर्मचारी, कुल पद, कार्यरत कर्मचारी, खाली पद
गजेटिड स्टाफ, 08, 04, 04
मनिस्ट्रीयल स्टाफ, 75, 48, 27
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ट्रैफिक स्टाफ
सुपरवाइजरी स्टाफ, 02, 01, 01
चीफ इंस्पेक्टर, 02, 00, 02
चालक, 294, 287, 07
अदर व्हीकल ड्राइवर, 06, 00, 06
परिचालक, 294, 252, 42
अड्डा परिचालक, 37, 00, 37
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वर्कशाप स्टाफ
सुपरवाइजरी स्टाफ, 11, 09, 02
स्कील्ड स्टाफ, 108, 33, 75
सेमी स्कील्ड स्टाफ, 55, 00, 55
अन स्कील्ड स्टाफ, 54, 29, 25
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अपरेंटिस छात्रों के सहारे बसों की हो रही मरम्मत
आईटीआई से पढ़ाई करने वाले छात्रों की ट्रेनिंग के लिए उन्हें रोडवेज व अन्य विभागों में भेजा जाता है। सिरसा डिपो में हर वर्ष 119 अपरेंटिस छात्रों का चयन होता है। जिन्हें मासिक भत्ता भी दिलाया जाता है। वर्कशाप में नाम मात्र ही मैकेनिक होने और नई भर्ती न होने के कारण अपरेंटिस छात्र ही पूरा कार्य संभालते है और बसों की मरम्मत करते है। लेकिन ट्रेनिंग पर आए छात्रों को पूर्ण जानकारी न होने के कारण वह बस की मरम्मत भी ठीक तरह से नहीं कर पाते। जिसके कारण रोडवेज की बसें बीच रास्ते में खड़ी हो रही है।
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नई तकनीक की बसों को ठीक करने के लिए नहीं कोई कर्मचारी
विभाग की ओर से हर वर्ष नई तकनीक की बसों को बेड़े में शामिल किया जा रहा है। लेकिन मैकेनिकों को उसकी जानकारी न हो पाने के कारण वह उसे ठीक नहीं कर पाते। इसके चलते लंबे रूट की बसों को लॉकट रूट पर चालकों की ओर से दौड़ाया जा रहा है।
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वर्जन
डिपो में कर्मचारियों की कमी को लेकर हर माह मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाती है। मुख्यालय की ओर से ही कर्मचारियों को भर्ती किया जाना है। वर्कशाप में पहुंचने वाले बसों की समय पर मरम्मत हो रही है। अपरेंटिस छात्रों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है।
आरएस पूनिया, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो
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