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दशहरे के एक दिन बाद किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के पुतले फूंके

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भूमण शाह चौक पर प्रदर्शन करते किसान - फोटो : Sirsa
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सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिलेभर के किसानों ने विभिन्न स्थानों पर दशहरे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री सहित दस मुख्य नेताओं के पुतले का दहन किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कृषि कानून वापस न होते तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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शनिवार को सिरसा के पक्का मोर्चा धरनास्थल पर किसान एकत्र हुए और प्रदर्शन करते बाबा भूमण शाह चौक पर किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, सांसद सुनीता दुग्गल, बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह, अनिल विज, गोबिंद व गोपाल कांडा के पुतले का दहन किया।
पुतला दहन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि लोगों ने दशहरे के दिन रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया। लेकिन असली रावण व उसकी सेना तो बीजेपी सरकार है, जोकि हर वर्ग को बर्बाद करने पर तुली हुई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी संगठनों से पहले यह आह्वान किया था कि दशहरे के दिन 15 अक्तूबर को बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में भाजपा नेताओं का पुतला दहन किया जाएगा। लेकिन सांप्रदायिक ताकतों के इसकी आड़ में फायदा उठाने की आशंका के चलते इसे 16 अक्तूबर को किया गया है।
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भारूखेड़ा ने कहा कि कृषि कानून वापस किए जाने को लेकर किसान एक साल से लगातार आंदोलित है, लेकिन इतना सब होने के बाद भी सरकार व किसानों के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस मौके पर सतपाल सिंह सिरसा, सुखदीप सिंह लहंगेवाला, कुलवीर लहंगेवाला, मलकीत भुल्लर, प्रधान लखा सिंह अलीकां, गुरतेज सिंह, सुचा सिंह पटवारी, गुरमंगत सिंह, मंगल सिंह, बलवंत सिंह कालांवाली प्रधान, बादल लहंगेवाला, नैब सिंह मलड़ी, धर्म सिंह, भजनलाल, हरजंट सिंह उपस्थित रहे।
ऐलनाबाद, डबवाली और अन्य स्थानों पर भी फूंका गया पुतला
किसानों ने ऐलनाबाद के ऊधम सिंह चौक, डबवाली के गोल चौक, करीवाला गांव सहित अन्य कई स्थानों पर भी भाजपा नेताओं सहित मंत्रियों के पुतले का दहन किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को भला-बुरा कहने वाले नेता भी अब किसानों के पास ही वोट मांगने के लिए पहुंच रहे है। इसका किसान भी नेताओं को जवाब दे रहे हैं। किसानों की ओर से 30 अक्तूबर तक लगतार भाजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा।
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