सिरसा। इस वर्ष के सावन माह शहर के लिए सूखा-सूखा गया, लेकिन अंतिम दिन एक घंटे हुई 30 एमएम बारिश से शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। शहर के नेशनल हाइवे, कॉलोनियों और चौक-चौराहों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित होने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रशासन द्वारा किए गए दावे भी फेल होते हुए नजर आए। 12 घंटे बीतने के बाद भी शहर के कई हिस्सों में बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई। जिससे लोगों को काफी परेशान होना पड़ा।
रविवार को मौसम में बदलाव होने के बाद सुबह सात बजे बारिश शुरू हो गई। सिरसा में 30, पंजुआना में 20 और ओटू में हलकी बूंदाबांदी हुई है। बारिश के बाद मौसम सुहावना होने से एक तरफ शहर वासियों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं दूसरी तरफ शहर में बने बाढ़ जैसे हालातों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए किए गए इंतजाम भी फेल होते हुए नजर आए। दिनभर जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारी सीवरेज लाइन के माध्यम से पानी की निकासी करवाने का प्रयास करते रहे लेकिन 12 घंटे बीतने के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई।
शहर के इन क्षेत्रों में बनी जलभराव की स्थिति
शहर के हिसार रोड, डबवाली रोड, सांगवान चौक, जनता भवन रोड, नोहरिया बाजार, अग्रसेन कॉलोनी, नागरिक अस्पताल रोड, रोड़ी बाजार, सुरखाब चौक, बस स्टैंड के समक्ष, बरनाला रोड, हिसारिया बाजार, बेगू रोड और खैरपुर की कॉलोनियों में दिनभर बारिश का पानी जमा रहा। हालांकि इन क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी के लिए विभाग की ओर से मोटर और इंजन लगा अस्थाई प्रबंध किए गए हैं। लेकिन स्थायी समाधान न होने के कारण कॉलोनी वासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शहर में दिनभर बनी रही जाम की स्थिति
शहर के हिसार रोड, हिसारिया बाजार, सुरखाब चौक और सर्कुलर रोड के साथ लगते मार्गों पर जलभराव होने के कारण दिनभर शहर में जाम की स्थिति बनी रही। वाहन रोड पर रेंगते हुए नजर आए। शहर के हिसार रोड पर बस स्टैंड से महाराणा प्रताप चौक तक जाम लगा रहा। ऐसे में यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए दिनभर पुलिस कर्मी चौक चौराहों पर तैनात रहे।
पानी की निकासी के लिए नप ने करवाया था बरसाती नाला साफ, नहीं मिला कोई लाभ
उपायुक्त अनीश यादव ने शहर का निरीक्षण कर डबवाली रोड और हिसार रोड स्थित बरसाती नाले को साफ करवाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद एक माह लगातार काम करने के बाद नालों से मिट्टी और गाद निकाल सफाई की गई थी। लेकिन बारिश होने के बाद इन बरसाती नालों से भी पानी की निकासी नहीं हो पाई। हिसार रोड पर बरसाती नाले की ठीक तरह से सफाई न होने के कारण दुकानदारों और कॉलोनी वासियों को अधिक परेशान होना पड़ा।
जलभराव से जलजनित बीमारियों के पनपने की आशंका
बारिश के बाद अब जलजनित बीमारियों के फैलने का भी खतरा अधिक बढ़ गया है। जलभराव में मच्छरों के पनपने से डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को घरों की छतों पर पड़े बरतनों और आसपास के क्षेत्र में पानी जमा न होने देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। किसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति होते है तो उसमें मिट्टी का डीजल और अन्य तेल का छिड़काव कर सकते है और गड्ढों में मिट्टी डाल पानी को निकाल सकते हैं। जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी कम होगा।
नरमे की फसल को नुकसान, धान को मिला लाभ
बारिश के कारण नरमे की फसल को इसका काफी नुकसान हुआ है। जबकि धान की फसल को इसका काफी लाभ मिला है। किसान किशन चंद, रामप्रकाश, रामलाल, लाल चंद ने बताया कि नरमा की फसल अब पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और चुगाई का कार्य चल रहा है। जिसके कारण नरमे के टिंडे पानी से खराब हुए हैं। लेकिन धान की फसल को इसका काफी लाभ हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अनुसार 24 अगस्त तक लगातार मौसम खराब रहने की संभावना जताई जा रही है।
हिसार रोड पर जलभराव होने के कारण वाहनों का लगा लंबा जाम - फोटो : Sirsa
सुरखाब चौक पर जलभराव के कारण बंद हुई स्कूटी को धक्का लगाता युवक - फोटो : Sirsa