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6 घंटे के आंदोलन से 11 ट्रेनें रहीं प्रभावित

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ऐलनाबाद में रेल पटरी को जामकर बैठे किसान। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कृषि कानूनों के विरोध में और लखीमपुर खीरी घटना के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों ने सुबह 10 बजे जिले के छह रेलवे स्टेशनों पर धरना दे दिया। वहीं सिरसा रेलवे स्टेशन पर किसानों ने सुबह 10 बजे रेवाड़ी बठिंडा रेल को भी रोक दिया और इंजन पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर अर्धसैनिक बल और पुलिस बल तैनात रहा। शाम चार बजे के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। ऐसे में सिरसा से गुजरने वाली 11 ट्रेनें प्रभावित रही। जिसके बाद रेलवे की ओर से कई ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द भी किया गया है।
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किसान सुबह 10 बजे से पहले ही सिरसा, बड़ागुढ़ा, कालांवाली, डबवाली, ऐलनाबाद और डिंग मंडी रेलवे स्टेशन पर एकत्र होना शुरू हो गए। रेवाड़ी से चलकर ट्रेन सुबह 10 बजे सिरसा स्टेशन पर पहुंची। वहां पर किसान पटरियों पर इंजन के सामने बैठक गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों की ओर से रेल को रोके जाने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री काफी समय तक रेल के चलने का इंतजार करते रहे। ऐसे में शाम चार बजे तक रेल बंद होने की जानकारी मिलने के बाद यात्री भी अन्य साधनों से यात्रा कर गंतव्य की और जाते हुए दिखाई दिए। धरना प्रदर्शन के दौरान किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख, प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, जसवीर सिंह भाटी, भूपेंद्र सिंह वैदवाला, रोशन सुचान, सतपाल सिंह सिरसा, सुखदीप लहंगेवाला, कलवीर लहंगेवाला, मलकीत भुल्लर, लखा अलिका प्रधान, सूचा सिंह पटवारी, मंगल सिंह भन्यारी उपस्थित रहे। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि कानून वापस लिए जाने और लखीमपुर खीरी में हुए घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई।
एक घंटे में खाली हो गई ट्रेन
किसानों की ओर से रेल को रोकने जाने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेल रुकने के बाद यात्री उसके चलने का इंतजार करते रहे। काफी देर उन्हें जानकारी मिली तो वे अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अन्य साधनों का सहारा लेते हुए दिखाई दिए। देखते ही देखते कुछ समय में ही ट्रेन खाली हो गई। यात्री को निजी वाहनों और बसों पर सफर करना पड़ा।
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रेलवे की ओर से कई ट्रेनों को किया गया रद्द
शाम चार बजे तक किसानों का आंदोलन चलने के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द भी कर दिया गया है। सिरसा रेलवे स्टेशन पर हर रोज करीब 11 ट्रेनें पहुंचती है। ट्रेनें रोके जाने के कारण उनका शेड्यूल गड़बड़ा गया, जिससे मंगलवार को भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सिरसा से हर रोज करीब 20 हजार यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं।
डबवाली रेलवे स्टेशन पर रोकी जम्मू तवी एक्सप्रेस, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
डबवाली। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रेल रोको आंदोलन के तहत भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के सदस्य आरओबी के समीप एकत्रित हुए और गाड़ी संख्या 09226 जम्मू तवी अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया। हालांकि इस ट्रेन का डबवाली रेलवे स्टेशन पर स्टॉपेज भी नहीं है।
किसान ट्रेन रेलवे स्टेशन पर गाड़ी को रुकवा कर वहीं पर बैठ गए। इससे पूर्व एक कोयले से भरी मालगाड़ी को भी स्टेशन पर रोक दिया गया था, जो बिहार से रवाना होकर सूरतगढ़ थर्मल प्लांट जानी थी। स्टेशन अधीक्षक होशियार सिंह ने बताया कि मालगाड़ी 10 बजकर 5 मिनट पर प्लेटफार्म लाइन नंबर तीन पर आई थी जबकि यात्री गाड़ी 10 बजकर 16 मिनट पर लाइन नंबर दो पर पहुंची थी। उक्त गाड़ी में कुल 328 यात्री सवार थे। समीपवर्ती क्षेत्र संगरिया, हनुमानगढ़ व सूरतगढ़ के यात्री गाड़ी से उतर कर सड़क मार्ग से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। आरक्षण चार्ट के मुताबिक अब गाड़ी में 268 यात्री सवार हैं।
सुबह दस बजे ही पहुंचे ट्रैक पर
ऐलनाबाद। लखीमपुर खीरी घटना के सिलसिले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर किसानों ने रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया। इस ऐलान के तहत सुबह 10 बजे से किसान स्थानीय रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क रहा। ट्रैक पर बैठकर किसान सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे। सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक कोई ट्रेन नहीं आई। इस दौरान किसानों ने राज्य गृहमंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी कर इस्तीफे की मांग की।
सतर्कता के साथ ड्यूटी पर रहे तैनात
डिंग मंडी। कृषि कानूनों को रद्द करने व लखीमपुर खीरी में हुई घटना की कार्रवाई की मांग करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रेल रोको अभियान चलाया गया। जिसको लेकर डिंग रेलवे स्टेशन पर पुलिस प्रशासन कड़ी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर तैनात रहे। किसानों द्वारा रेल रोको अभियान आंदोलन की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से रेलवे पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक तैनात रहे। हालांकि डिंग रेलवे स्टेशन पर किसानों की ओर से कोई धरना प्रदर्शन नहीं देखने को मिला। रेलवे ने कुछ ट्रेनें पहले ही रद्द कर दी। कुछ यात्री स्टेशन पर बैठकर गाड़ी का इंतजार करते रहे।
गीतों के माध्यम से जगाई अलख
कालांवाली। किसानों ने रेलवे स्टेशन पर एकत्रित होकर रेल रोको आंदोलन में भाग लिया और हरियाणा किसान मंच के हलकाध्यक्ष बलवंत सिंह केवल और चढूनी ग्रुप के हलकाध्यक्ष मनजीत सिंह ओढ़ां की अगुवाई में रेल की पटरियों पर बैठकर रेल मार्ग पर जाम लगाकर अपना रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जहां किसानों ने करीब 4 घंटे तक लोगों को कृषि कानूनों के नुकसान समझाए और गीतों के माध्यम से आंदोलन की अलख जगाई। साथ में किसान लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में किसानों की मौत के बाद गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। आंदोलन के दौरान रेलवे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा और रेलवे स्टेशन पर भारी संख्या में पुलिस बल के अलावा फायर बिग्रेड और एंबुलेंस की गाड़ी मौजूद रही।

रेलवे ट्रैक पर गाड़ी के आगे खड़े होकर नारेबाजी करते किसान।- फोटो : Sirsa

रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी को रोककर पटरी पर बैठे किसान।- फोटो : Sirsa

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