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Haryana: BFI ने नहीं की सुनवाई, बॉक्सर बेटियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, फेडरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल

Tue, 07 Mar 2023 12:05 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

बॉक्सर बेटियों ने अपने चयन पर मांगे जवाब की सुनवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में चयन नहीं होने की वजह, रैंक गिराने और निम्न प्रदर्शन वाली बॉक्सरों के चयन के साथ फेडरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 
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बॉक्सर पूनम पुनिया, शिक्षा नरवाल, मंजू रानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप खेलने से वंचित हरियाणा की तीन बॉक्सर बेटियों ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। 48 घंटे बाद भी अपने चयन संबंधी मांगे जवाब का उत्तर बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) से न मिलने पर बेटियां ने दिल्ली हाईकोर्ट में न्याय के लिए याचिका लगाई है।

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याचिका में चयन नहीं होने की वजह, रैंक गिराने और निम्न प्रदर्शन वाली बॉक्सरों के चयन के साथ फेडरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बेटियों ने चयन प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से नहीं होने के साथ भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉक्सर बेटी रिठाल फौगाट निवासी मंजू रानी, रिठाल नरवाल निवासी शिक्षा नरवाल और हिसार निवासी पूनम की याचिका मंजूर कर ली है।

सोशल मीडिया पर बेटियों को विश्व चैंपियनशिप में खेलने से वंचित करने के मामले में हरियाणा चर्चा का विषय बना हुआ है। बाॅक्सर मंजू रानी ने इस बारे में ट्वीट किया है। उन्होंने विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में खेलने से वंचित करने पर बीएफआई के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करने की बात कही है।
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शिक्षा नरवाल और पूनम ने भी री-ट्वीट करते हुए लिखा है कि न्याय के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा है। उनके द्वारा दायर याचिका को अदालत ने स्वीकार भी कर लिया है। इससे पूर्व बीएफआई के प्रधान को पत्र लिखा गया था। 48 घंटे में संतोषजनक कार्रवाई की उम्मीद थी।

लेकिन, संतोषजनक कार्रवाई या जवाब नहीं मिलने पर ही यह कदम उठाना पड़ा है। एडवोकेट संदीप लांबा ने बताया कि महिला बॉक्सरों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। इसमें बॉक्सिंग फेडरेशन आफ इंडिया, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय समेत अन्य को पार्टी बनाया गया है।

मंजू ने पहला रैंक छीनने का लगाया आरोप
विश्व चैंपियनशिप के 48 किलो ग्राम भार वर्ग की रजत पदक विजेता बाॅक्सर मंजू रानी ने बीएफआई के प्रधान को पत्र लिख कर विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन नहीं करने पर जवाब मांगा था। उन्होंने भोपाल में वर्ष 2022 में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उसने स्वर्ण पदक जीता था। अब विश्व चैंपियनशिप होने वाली है। इसमें पहला रैंक छीनकर उन्हें दूसरे नंबर पर कर दिया गया।

उनकी जगह किसी और का चैंपियनशिप के लिए चयन कर दिया। आरोप है कि उनकी जगह किसी और बॉक्सर को नंबर एक पर स्थान दिया गया है। जबकि उसने केवल हरियाणा में खेका और कोई मेडल भी प्राप्त नहीं किया। शिविर में भी वह खिलाड़ी तीसरे नंबर पर रही। बावजूद उसे विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में खेल का मौका दिया जा रहा है। इसकी जगह उन्हें एक से दो नंबर पर लाकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया है।

11 नेशनल मेडलिस्ट में से 9 को चुना, केवल 2 को छोड़ा
बॉक्सर पूनम पुनिया का कहना है कि उन्होंने नेशनल में गोल्ड मेडल जीता है। उनके साथ 11 अन्य महिला बॉक्सरों ने गोल्ड मेडल जीता था। इनमें से 9 बॉक्सर को प्रदर्शन के आधार पर विश्व चैंपियनशिप में जगह दी गई है। जबकि, उन्हें जगह नहीं दी गई है। यह अच्छे खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ने का काम है। इससे खेलों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसकी जांच होनी चाहिए।

बिना ट्रायल विश्व चैंपियनशिप में किया चयन
बॉक्सर शिक्षा नरवाला ने कहा है कि वह 54 किलो भार वर्ग की खिलाड़ी हैं। मई 2022 में तुर्की में आयोजित महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ष 2021 में हिसार में आयोजित सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, साउथ एशियन गेम में सिल्वर मेडल जीता है। इसके अलावा अन्य प्रतियोगिताओं में भी पदक जीते हैं। उनका रैंक एक से गिराकर दो कर दिया गया। तीसरे रैंक की खिलाड़ी को एक रैंक देकर निम्न प्रदर्शन वाली खिलाड़ी को चैंपियनशिप में भेजा जा रहा है। इसे नेशनल चैंपियनशिप में चार-एक से हरा चुकी हैं। फेडरेशन से इस बारे में जवाब मांगा गया था। वहां से जवाब नहीं मिलने पर अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

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