एमडीयू के टैगोर सभागार में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार। फोटो सतीश कु?
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व गौरवमयी इतिहास प्रेरणादायी है। जरूरत है कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करें और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विशिष्टता को संजो कर रखें। यह बात हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एमडीयू में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी से हमने आजादी पाई है। जरूरत है कि युवा पीढ़ी को आजादी की संघर्ष गाथा व स्वतंत्रता आंदोलन की दास्तान बताई जाए। कुलाधिपति ने आजादी की अमृतधारा कार्यक्रम के जरिये राष्ट्रीय चेतना का दीप प्रज्जवलित करने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू करने का आग्रह किया। साथ ही विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक दल की प्रशंसा की। संध्या की शुरुआत कुमार विशु के भजन से हुई। राजकीय महिला महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय शैक्षणिक विभागों की छात्राओं ने हरियाणवी लोकगीत प्रस्तुत किया। हरियाणवी समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल ने कलाकारों के लिए एक लाख की प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया। मंच संचालन निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी और डॉ. दिव्या मल्हान ने किया। टैगोर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सांसद रामचंद्र जांगड़ा, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, राजेश जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल भी मौजूद थे। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजकुमार, डीन एकेडेमिक अफेयर्स प्रो. नवरतन शर्मा, डीन प्रो. एके राजन भी मौजूद थे।