रोहतक। वाह री शहर की सरकार और म्हारे पार्षद। छह लाख शहरवासियों से जुड़ा 197 करोड़ का बजट चंद सेकंड में पास कर दिया है। इसके लिए न हाउस में चर्चा हुई और न सहमति ली गई। कब हाउस में प्रस्ताव आया, सीधा मेयर ने पार्षदों का धन्यवाद कर दिया। बजट पर तैयारी करके आए कई सत्ता पक्ष व विपक्ष के पार्षद चीखते रह गए, उनके हाथों में बजट के आय व व्यय की प्रति थमाकर नगर निगम के पदाधिकारी व अधिकारी उठकर चले गए।
केंद्र व राज्य सरकार की तरह नगर निगम में भी बजट तैयार किया गया। नियमों के तहत 31 मार्च तक हाउस से बजट को पास करवाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेजना होता है। इसके लिए 29 मार्च मंगलवार को हाउस की बैठक बुलाई गई। बैठक में 23 पार्षदों में से 20 पार्षद व मेयर पहुंचे। बजट को लेकर पार्षदों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाउस में बजट पर मीटिंग का समय 11 बजे थे, लेकिन ज्यादातर पार्षद 11 बजे के बाद हाउस पहुंचे। ढाई घंटे बैठक में पार्षद सुरेश किराड़ के पोस्टर से लेकर प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे को लेकर पार्षदों व अधिकारियों के बीच सवाल-जवाब होते रहे। अचानक निगम आयुक्त व डिप्टी मेयर के बीच गुफ्तगू हुई और मेयर ने करीब डेढ़ बजे सीधा नगर निगम के अधिकारियों व आए पार्षदों का बजट पास करने के लिए धन्यवाद कर दिया। कई पार्षदों ने सवाल उठाए की उन्होंने अब तक बजट पर चर्चा ही नहीं की, तभी कहा गया कि आप लोगों रजिस्टर में हस्ताक्षर तो कर दिए।
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नगर निगम में चल रहा गोलमाल, किरकिरी से बचने के लिए नहीं की गई चर्चा
नगर निगम के पार्षद कदम सिंह अहलावत, गुलशन ईशपुनियानी, कंचन खुराना, सुनील कुमार व राजेश सैनी ने कहा कि यह एक तरह से हाउस का अपमान है। नगर निगम में गोलमाल चल रहा है। किरकिरी से बचने के लिए बिना चर्चा व मंथन के ही बजट को पास कर दिया गया।
इन सवालों का कौन देगा जवाब
- नगर निगम में एक माह में कितनी आमदनी और कितना खर्च
- विकास कार्यों पर कम पैसा खर्च क्यों
- कैसे कम किया जाएगा खर्च
- निगम के निर्धारित लक्ष्य पूरे क्यों नहीं
- अधूरे पड़े विकास कार्यों के लिए आया पैसा खर्च क्यों नहीं हुआ
- अब तक पानी व सीवरेज प्लांट क्यों चालू नहीं।
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अबकी बार 197 करोड़ की अनुमानित आय, अबका टारगेट पूरा
मद 2021-22 आय हुई अब लक्ष्य
स्टांप ड्यूटी 30 करोड़ 29 करोड़ 18 करोड़
प्रॉपर्टी टैक्स 65 करोड़ 12.83 करोड़ 55 करोड़
विकास शुल्क 20 करोड़ 37 करोड़ 35 करोड़
विज्ञापन ढाई करोड़ 88 लाख डेढ़ करोड़
किराया 8 करोड़ 2.37 करोड़ 3 करोड़
जमीन बिक्री 10 करोड़ 2.4 करोड़ 5 करोड़
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निगम 63 करोड़ रुपये खर्च करेगा वेतन, पेंशन व भत्तों पर
मद 2021-22 खर्च किया अब लक्ष्य
पक्का स्टाफ 12 करोड़ 10.28 करोड़ 11.70
पक्केे सफाई कर्मी 15 करोड़ 14 करोड़ 99 लाख 15 करोड़
पेंशन 10 करोड़ 8 करोड़ 80 लाख 10 करोड़
अनुबंधित सफाईकर्मी 12 करोड़ 10 करोड़ 67 लाख 11 करोड़
आउट सोर्सिंग स्टाफ 1.10 करोड़ 5 करोड़ 57 लाख 5 करोड़
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बिल, सर्वे व प्लानिंग पर खर्च होंगे साढ़े 32 करोड़
नगर निगम की तरफ से चालू वित्त वर्ष में बिजली के बिल, टेलीफोन बिल से लेकर सर्वे व प्लानिंग सहित 20 मदों के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, जिसमें 22 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। अब साल 2022-23 के लिए साढ़े 32 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
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विकास कार्यों में खर्च किए मात्र 17 करोड़, अब रखे 28 करोड़
नगर निगम ने विकास कार्यों के लिए 2021-22 में 15 करोड़ रुपये का बजट रखा था, जिसमें बताया गया है कि अब तक 16 करोड़ 45 लाख रुपये खर्च किए हैं। आगे 2022-23 में 28 करोड़ रुपये खर्च करेंगे।
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सफाई पर खूब बहाया पैसा
मद 2021-22 खर्च किया अब लक्ष्य
सफाई पर खर्च 16 करोड़ 32.27 करोड़ 30 करोड़
जैविक उपचार 12 करोड़ 13.29 करोड़ 12.50 करोड़
ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट 9 करोड़ 10.74 करोड़ 9 करोड़
कम्यूनिटी सेंटर रखरखाव 11 करोड़ 9.81 करोड़ 16 करोड़
सार्वजनिक शौचालय .... 4.20 करोड़ 4.30 करोड़
पार्कों का रखरखाव ..... 4.63 करोड़ 2.50 करोड़
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नगर निगम हाउस में अच्छी तरह से बजट पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन तानाशाही दिखाते हुए बिना चर्चा व सुझाव लिए बजट पास कर दिया गया। समय आने पर शहर की जनता इसका जवाब लेगी।
- कदम सिंह अहलावत, कांग्रेसी पार्षद वार्ड 11
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हाउस में बजट को लेकर पार्षदों से सुझाव लिए जाते। आखिर कहां कैसे कम खर्च करके विकास कार्यों के लिए बजट की व्यवस्था की जाए। हाउस में पूरी तैयारी से आई थी। पिछले साल की आय व व्यय पर श्वेत पत्र जारी होना चाहिए। इस तरह शहरवासियों को अंधेरे में रखना गैर लोकतांत्रिक है।
- कंचन खुराना, पार्षद वार्ड 13
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निगम की हर माह 9 करोड़ के करीब आमदनी व खर्च 12 करोड़ के करीब है। इसमें सबसे ज्यादा राशि सफाई व कर्मचारियों के वेतन पर खर्च हो रही है। बजट में हर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन बिना चर्चा के बजट पास कर दिया गया। लग रहा है कि पार्षदों का एक ग्रुप पहले से यह तय करके आया था।
- सुनील कुमार, पार्षद वार्ड 9
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हाउस के बजट को लेकर पार्षदों को ही अंधेरे में रखा गया। आखिर क्यों बिना चर्चा बजट पास कर दिया गया। समझ से बाहर है। जिम्मेदार लोगाें को इसका जवाब देना होगा।
- राजेश सैनी, मनोनीत पार्षद
वर्जन
नगर निगम हाउस में बजट की एक-एक प्रति मौजूद पार्षदों को दी गई। सभी पार्षदों ने रजिस्टर में हस्ताक्षर किए। इसके बाद बजट पार्षदों ने ही पास कर दिया। अब वे क्यों सवाल उठा रहे हैं, यह तो वे ही बता पाएंगे।
- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
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मेयर व पार्षद के बीच यूं हुई मीठी नोक-झोंक
बजट को लेकर हाउस की बैठक अचानक खत्म होने के बाद कांग्रेसी पार्षद कदम सिंह मेयर मनमोहन गोयल के पास पहुंचे। बोले, मेयर साहब आपकी छवि बहुत अच्छी हैशहर में, उतर आओ अब डूबते जहाज से, जवाब में मेयर मनमोहन गोयल ने कहा, हम डूबने की परवाह नहीं करते, ना पहले की। पहले भी इज्जत के वास्ते जहाज बदला था और इज्जत के वास्ते डटे हुए हैं। फिर कदम ने कहा, नियमों के तहत मेयर शहर का प्रथम नागरिक है। उसे विकास कार्यों को फीते काटने चाहिए, लेकिन आप पीछे खड़े रहते हैं। सभी हंसे और उठकर चल पड़े।