जिला अदालत ने पांच साल पहले खिड़वाली गांव के युवक बिजेंद्र उर्फ बिंद्रा की गैर इरादतन हत्या के मामले में गांव के तीन युवकों नरेश, बिजेंद्र व बबलू को दोषी करार दिया है। तीनों आरोपी 2016 से जेल में बंद थे, इसके चलते अब तक जेल की हिरासत को सजा मानकर अदालत ने उन्हें अंडरगोन मानकर छोड़कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक खिड़वाली गांव निवासी सुरेश ने जुलाई 2016 में सदर थाने में शिकायत दी थी कि 1 जुलाई को उसके छोटे भाई बिजेंद्र उर्फ बिंद्रा का शव जिंदरान गांव के पास ड्रेन नंबर आठ की साइड में मिला था। ऊपर बाइक पड़ी थी। उस समय उसने सड़क हादसा मानकर कार्रवाई करवाई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट व गांव में तसल्ली करने से पता चला कि उसके भाई की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई है। 30 जून को गांव का एक युवक उसके भाई बिजेंद्र के साथ खेत में बैठकर शराब पी रहा था। तभी गांव के तीन युवक बिजेंद्र उर्फ काला, नेशू व बबलू आ गए। तीनों उसके भाई के साथ मारपीट करने लगे। जबरन बाइक पर आरोपी बिजेंद्र उर्फ काला के कोठड़े पर उठाकर ले गए। वहां पर रात को तीनों ने बांधकर उसके भाई को जमकर पीटा। इससे उसके भाई की मौत हो गई। शव सड़क किनारे ड्रेन नंबर 8 के पास मिला। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में सोमवार को सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही उनकी 20 सितंबर 2021 तक की न्यायिक हिरासत को सजा मानकर अंडरगोन कर दिया।