मंडल के अधिकारीयों के साथ बैठक करते पी राघवेंद्र राव। संवाद
राज्य सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने की योजना बनाई है। इसी कड़ी में हरियाणा के छठे वित्तायोग के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने सर्किट हाउस में मंडल के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव मांगे। बैठक में उपायुक्त, निगमायुक्त और जिला परिषद के सीईओ शामिल हुए।
चेयरमैन राव ने कहा कि आयोग शहरी स्थानीय निकायों को सुदृढ़ करने को सिफारिश करेगा। हर जिला कम से कम दो क्षेत्रों का चयन कर पूरे विवरण के साथ सुझाव रविवार को भेजे। जिले में की गई अच्छी शुरुआत के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाए ताकि उसे अन्य जिलों में भी लागू करवाया जा सके। उन्होंने रोहतक में पीपीपी मोड पर शौचालयों के निर्माण और संस्थाओं द्वारा चौक की देखरेख करने के कार्यों की सराहना की। चेयरमैन राव ने कहा कि सुझाव ऐसे होने चाहिए, जिन्हें लागू किया जा सके। आमतौर पर यह देखा जाता है कि शहरी स्थानीय निकायों द्वारा परिसंपत्तियां तैयार की जाती हैं, पर उनका रखरखाव नहीं हो पाता। आयोग ने इन संस्थाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के बारे में सिफारिशें देनी हैं, ताकि ये संस्थाएं फंड के लिए आत्मनिर्भर हो सकें। आयोग ने इस संबंध में केंद्रीय वित्तायोग, नीति आयोग और अन्य मंत्रालयों के साथ भी विचार-विमर्श किया है। रोहतक मंडल के आयुक्त पंकज यादव ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आयोग द्वारा की जा रही ऐसी बैठकों में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त होंगे। यादव ने कहा कि विज्ञापन भी इन संस्थाओं के लिए राजस्व का स्रोत हो सकता है। इच्छुक पंचायती राज संस्थाएं स्वेच्छा से ऐसा कोई कार्य शुरू कर सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। सोनीपत के उपायुक्त ललित सिवाच, झज्जर के उपायुक्त श्यामलाल पुनिया, भिवानी के उपायुक्त आरएस ढिल्लों, चरखी दादरी के उपायुक्त प्रदीप गोदारा, रोहतक के निगम आयुक्त नरहरि सिंह बांगड़, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल ने अपने-अपने जिलों के बारे में जानकारी और सुझाव दिए।