रोहतक। प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में निगम पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। वित्तीय वर्ष के आखिरी दो दिन निगम के खाते में 70 लाख के करीब की राशि जमा हो सकी, जिसे मिलाकर पूरे साल में 21 करोड़ रुपये के करीब टैक्स वसूल हुआ है। जबकि नगर निगम ने 65 करोड़ टैक्स वसूली का टारगेट रखा था। नए वित्त वर्ष में टारगेट 55 करोड़ रखा गया है।
शहर के अंदर प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय के मुख्य साधनों में से एक है। साल 2011 के सर्वे के मुताबिक शहर में डेढ़ लाख के करीब प्रॉपर्टी यूनिट थे, जो अब बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गई हैं। निगम टैक्स को अलग-अलग श्रेणी में रखकर क्षेत्र में आने वाले लोगाें से वसूल करता है। वाणिज्यिक इकाइयों से वसूलने जाने वाले टैक्स की दर ज्यादा है। जबकि रिहायशी टैक्स की दर कम है। निगम ने साल 2021-22 में 65 करोड़ टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा था, लेकिन निगम जनवरी 2022 तक मात्र 12 करोड़ 83 लाख रुपये टैक्स वसूल कर सका। साथ ही बजट के अंदर बताया गया था कि 31 मार्च तक 5 करोड़ रुपये और रिकवरी आने की संभावना व्यक्त की गई थी। बुधवार को 39 तो वीरवार को 31 लाख रुपये के करीब जमा हो सके।
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आखिरी दिन तक बिल ठीक कराने के लिए भटकते रहे लोग
सरकार ने 31 मार्च तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए 2011 से 2021 तक के शत प्रतिशत ब्याज माफी व चालू वित्त वर्ष की राशि में भी छूट दे रखी थी। बुधवार को निगम कार्यालय में टैक्स जमा कराने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। ऐसे में निगम ने टैक्स जमा कराने के लिए काउंटर की संख्या दो से तीन कर दी। हालांकि आखिरी दिन टैक्स जमा कराने वाले की ज्यादा भीड़ नहीं थी, लेकिन बिल ठीक करवाने वाले जरूर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों के चक्कर काटते रहे।
वर्जन
वित्त वर्ष के आखिरी दो दिन में 70 लाख के करीब प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ है।
नगर निगम में बुधवार को 39 लाख तो वीरवार को 31 लाख रुपये जमा हुए हैं। अकेले मार्च माह में सवा सात करोड़ व पूरे साल में 21 करोड़ रुपये के करीब टैक्स वसूल हुआ है।
- अशोक शर्मा, जोनल टैक्स ऑफिसर नगर निगम