दिल्ली बाईपास चौक से शीला बाईपास की ओर चलने पर सड़क पर बेसहारा गोवंश। अमर उजाला
शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। नगर निगम प्रशासन रोजाना गोवंश पकड़ने का दावा कर रहा है, जबकि निगम की पहरावर गोशाला में 15 दिनों से गोवंशों की संख्या तीन हजार पर अटकी है। अब सवाल यह उठता है कि निगम बेसहारा गोवंशों को पकड़कर कहां छोड़ रहा है। उधर, निगम आयुक्त का कहना है कि पड़ोसी जिलों से बेसहारा गोवंश आ रहे हैं, इसलिए उन जिलों के प्रशासन को भी सहयोग देना होगा।
शहर की ऐसी कोई सड़क, कॉलोनी, मार्केट अथवा गली नहीं है, जहां बेसहारा गोवंश विचरण करते न दिखे। दिन छिपने के बाद सड़कों पर इनका जमावड़ा बढ़ जाता है, जो हादसे का कारण बन रहे हैं। सड़कों पर बेसहारा गोवंश की भिड़ंत व सींग मारने से राहगीरों का बचना मुश्किल हो जाता है। विगत दिनों बेसहारा गोवंश के सींग मारने से आईएमटी चौक के पास युवक की मौत हो चुकी है और अलग-अलग जगहों पर कई लोग घायल हो चुके हैं। निगम प्रशासन का दावा है कि वह लगातार गोवंश को पकड़कर पहरावर स्थिति गोशाला में छोड़ रहे हैं। फिर भी यहां गोवंशों की संख्या तीन हजार से ज्यादा नहीं बढ़ रही है।
निगम आयुक्त नरहरि बांगड़ ने बताया कि शहर में पड़ोसी जिलों (झज्जर, सोनीपत, जींद व भिवानी) से गोवंश आ रहे हैं। पड़ोसी जिलों से बेसहारा गोवंश गांवों में पहुंचता है। गांवों से खदेड़ने पर यह शहर में आ रहे हैं। इस समस्या के निदान के लिए पड़ोसी जिलों को भी साथ आना होगा। वहीं, निगम की पहरावर गोशाला के संचालक राजेश लुम्बा का कहना है कि शहर की सड़कों पर 800 से ज्यादा बेसहारा गोवंश हैं। निगम की टीम 20-25 गोवंश को पकड़कर रोजाना छोड़ रही है।
सड़कों पर बेसहारा गोवंशों से लोगों को हो रही परेशानी का जल्द निदान कराया जाएगा। इस मसले पर जल्द ही अधीनस्थों की बैठक बुलाई जाएगी। टीम गठित करवाकर बेसहारा गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में छुड़वाया जाएगा, ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो और हादसों पर अंकुश लग सके।
- पंकज यादव, मंडलायुक्त, रोहतक मंडल