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जलभराव की जटिल समस्या पर जागे उपायुक्त, बोले-अनहोनी पर दर्ज होगा हत्या का मुकदमा

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दिल्ली रोड पर तिलियार के पास जलभराव के बीच से गुजरते वाहन चालक। अमर उजाला
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उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने दिल्ली बाईपास मार्ग पर जलभराव की जटिल समस्या को गंभीरता से लिया है। मामले को लेकर उन्होंने सोमवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक बुलाई। इस दौरान जलनिकासी के मुद्दे पर उन्होंने अफसरों को आड़े हाथ लिया। साथ ही कहा कि मामले में 24 घंटे में परिणाम चाहिए। जलभराव से अनहोनी होने पर संबंधित अधिकारी पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होगा। ये आईपीसी की ऐसी धारा है, जिसमें तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान है।
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उपायुक्त ने सोमवार को अमर उजाला में दिल्ली बाईपास मार्ग पर जलभराव की समस्या की खबर प्रकाशित होने पर जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें उन्होंने कहा कि मार्ग पर जलभराव और सीवर के ढक्कन नहीं होने से किसी की भी जान जा सकती है। ऐसे में आईपीसी की धारा 304ए के तहत (गैरइरादतन हत्या) का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा कि सीवर के मैनहोल के ढक्कन टूटे क्यों हैं? उन्होंने मैनहोल का निरीक्षण करके तुरंत ही ढक्कन लगाने के निर्देश दिए। दिल्ली बाईपास मार्ग पर बारिश के पानी की निकासी की तुरंत व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने दो टूक कहा कि समस्या के बारे में 24 घंटे के अंदर परिणाम सामने आना चाहिए। इस दौरान एडीसी महेंद्र पाल, एसडीएम राकेश कुमार सैनी, पीडब्ल्यूडी की कार्यकारी अभियंता उदयवीर झांझरिया, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता रोहित आदि मौजूद रहे।
पंप से पानी निकालने का काम जारी : झांझरिया
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता उदयवीर झांझरिया का कहना है कि दिल्ली मार्ग से जलभराव का पानी निकालने के लिए पंप लगा दिया गया है। इस काम में समय लगता है। उपायुक्त ने 24 घंटे का समय दिया है। प्रयास होगा कि समयावधि में जलनिकासी करवा दी जाए।
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पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बोले-नाले के लिए एस्टीमेट बनवाया जाएगा
रविवार को दिल्ली बाईपास मार्ग पर नाला पीडब्ल्यूडी का नहीं होने, मैन पावर और रुपये नहीं होने का दावा करने वाले पीडब्ल्यूडी अफसर सोमवार को उपायुक्त की हिदायत के बाद बैकफुट पर आ गए। कार्यकारी अभियंता ने कहा कि नाले को बनवाने के लिए जल्द एस्टीमेट बनवाया जाएगा। वहीं, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता रोहित का कहना है कि दिल्ली बाईपास मार्ग पर जलनिकासी के लिए मोटर और पंप नहीं लगाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी अपने स्तर से व्यवस्था करे।
जलभराव शहर में नहीं सेक्टरों में ज्यादा
शहर में कहीं भी जलभराव नहीं है। कम समय में ज्यादा बारिश की वजह से जलभराव हुआ, जो दो घंटे में खत्म हो गया। जलभराव अभी भी बरकरार है, तो वह सेक्टरों में।
जलभराव की वजह
दिल्ली मार्ग पर जलभराव के बीच से भारी वाहनों के आवागमन होने से कई फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस समस्या की मुख्य वजह जलनिकासी के लिए बना नाले का जाम होना है। मामले के जिम्मेदारों हुडा और पीडब्ल्यूडी के बीच में विवाद शुरू हो गया है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि नाला उसका नहीं है। हुडा ने इसे 2006-07 में बनवाया था। हुडा की संपत्ति निगम को ट्रांसफर हो चुकी है। अब नाले की सफाई निगम कराए। वहीं, हुडा का कहना है कि नाला पीडब्ल्यूडी का ही है। 2006-07 में इसे बनवाया गया था। इसका मतलब यह नहीं है कि नाला बनवाने वाले का हो गया। दोनों विभागों के बीच शुरू हुए विवाद का खामियाजा जनता को जलभराव की समस्या से भुगतना पड़ रहा है।
दो साल से दिल्ली बाईपास मार्ग बना है डेंजर जोन
अमरुत योजना के तहत नगर निगम सीवर लाइन बिछाने के लिए दिल्ली बाईपास मार्ग को खोद चुका है। सीवर लाइन डलने के बाद जब सड़क बनाने की बारी आई तो पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी दी गई। विभाग ने सड़क बनाने के लिए रुपये मांगे तो निगम ने कई माह में तीन किस्त में धनराशि जारी की। इसकी वजह से देरी से सड़क बनना शुरू हुआ। एक सड़क बनी नहीं और नगर निगम ने दूसरी तरफ खोदाई शुरू करवा दी, जिस पर गहरे गड्ढे हैं। इस मार्ग को पूरी तरह से बंद किया हुआ है। ऐसे में पूरी तरह से जर्जर और जलभराव के बीच से वाहनों के आवागमन का रास्ता बचा हुआ है। जिससे मार्ग से गुजरते समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
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