नगर निगम के अधिकारी शनिवार को दिल्ली जाकर गारबेज फ्री सिटी का अवॉर्ड लेंगे, दूसरी तरफ, जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर को देखकर नगर निगम के पार्षद व कर्मचारियों के प्रधान ही अवॉर्ड मिलने पर सवाल उठा रहे हैं। मेयर मनमोहन गोयल का कहना है कि सर्वे के समय हालात ठीक थे, लेकिन अब कहां गड़बड़ी हुई, उसे दूर करवाएंगे।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत रोहतक और गुरुग्राम को गारबेज फ्री सिटी घोषित किया गया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक ने अवॉर्ड लेने के लिए नगर आयुक्तों को दिल्ली के विज्ञान भवन में 20 नवंबर को आमंत्रित किया है। निगम के अधिकारी जहां अवॉर्ड लेने जाने की तैयारी कर रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ शहर में जगह-जगह पड़ा कचरा अवॉर्ड पर सवाल खड़े कर रहा है। निगम का कोई पार्षद जहां अवॉर्ड को आंकड़ेबाजी बता रहा है तो कोई वार्डाें में सफाई कर्मी की कमी बताकर सवाल खड़े कर रहा है।
इन स्थानों पर रहते हैं कूड़े के ढेर
गोहाना चौक, टीबी अस्पताल, सुखपुरा चौक, नया बस स्टैंड, एमडीएन स्कूल के पास, नया बस स्टैंड व गांधी कैंप, बजरंग भवन के पास, कच्ची गढ़ी, तिलियार लैक के पास, सर्किट हाउस के पास, पावर हाउस चौक। वहीं, पार्षदों ने बताया कि टेक नगर, काठ मंडी, न्यू चिन्यौट कॉलोनी, श्रीनगर, सोनीपत रोड डिग्गी के पास, एकता कॉलोनी, राजीव नगर, आंबेडकर कॉलोनी, न्यू शीतल नगर, विजय नगर, हरी सिंह कॉलोनी, शुगर मिल कॉलोनी, अमृत कॉलोनी, कमला नगर, रामनगर, शास्त्री नगर, सूर्या नगर, जेपी कॉलोनी, श्याम कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, शिव नगर।
सफाई कर्मियों का आंकड़ा
निगम के सफाई कर्मी 230
पेरोल पर रखे कर्मी 481
जरूरत है 1500 और कर्मियों की
सफाई कर्मी रखने का मानक
सरकार के मानकों के हिसाब से 400 की संख्या पर एक सफाई कर्मी होना चाहिए। निगम कर्मचारियों के प्रधान संजय बिड़लान ने बताया कि निगम के पास केवल 711 सफाई कर्मी हैं। इतने कम कर्मियों से कैसे समुचित सफाई की उम्मीद की जा सकती है।
कूड़ा डालने की जगह न कर्मी, कैसे होगी सफाई
कर्मचारी नेता ने बताया कि निगम ने डस्टबिन हटवा दिए। कूड़ा कलेक्शन (डालने) की जगह बनाई नहीं हैं। ऊपर से सफाई कर्मचारी मानक के अनुसार नहीं है। निगम के क्षेत्र बढ़ता जा रहा है, ऐसे में कैसे गारबेज फ्री हो सकता है शहर।
पार्षद बोले, सफाईकर्मियों की कमी
सफाई कर्मियों की कमी से नियमित सफाई नहीं होती है। काठ मंडी, न्यू चिन्योट कॉलोनी समेत कुछ एरिया में दो-तीन दिन के अंतराल में सफाई होती है। ऐसे में गंदगी होना तो स्वाभाविक है।
- मुक्ता नागपाल, पार्षद, वार्ड-19
गारबेज फ्री शहर बनाने के लिए काफी सुधार की जरूरत है। मेरे वार्ड के कई इलाकों में कचरा पड़ा रहता है। कर्मचारियों की कमी होने की वजह से नियमित सफाई नहीं होती है।
- कंचन खुराना, पार्षद, वार्ड-13
मेरे वार्ड में 15 सफाई कर्मी हैं, जबकि जरूरत 80 की है। ऐसे में कैसे नियमित सफाई हो सकती है। मेरे वार्ड के कई इलाकों में दो से चार दिन के अंतराल में सफाई हो पाती है।
- पूनम किलोई, पार्षद वार्ड-20
मेरे वार्ड में 22 सफाई कर्मी है और 100 कर्मियों की जरूरत है। कई इलाकों में सफाई कर्मी पहुंचते नहीं है। कुछ में कई दिनों के अंतराल में सफाई होती है।
- अनिल कुमार, डिप्टी मेयर, वार्ड-21
सर्वे करने के लिए बाहर से टीम आई थी। अब कैसे गारबेज फ्री रोहतक को घोषित किया है, इसका जवाब तो सही मायने में वहीं दे सकते हैं। फिर भी मेरा मानना है कि सर्वे के समय शहर में कचरा नहीं था। अब कहां गड़बड़ी हुई और समय पर क्यों सफाई नहीं हो रही है। कहां कमी है, उसे दूर करवाएंगे।
- मनमोहन गोयल, मेयर