रामगोपाल कॉलोनी में प्रॉपर्टी टैक्स चोरी का मामला नगर निगम ने पकड़ा है। दरअसल, टैक्स चोरी के लिए एक भू-स्वामी ने व्यावसायिक प्रॉपर्टी को छोटी प्रॉपर्टी दर्शाकर फर्जी आईडी बनवाने का प्रयास किया है। इसका खुलासा तब हुआ जब निगम में जमा कराए दस्तावेजों की तहसील से जांच हुई। इसके साथ ही बिना नाम की आईडी बनवाने की भी बात प्रकाश में आई है। इसकी रिपोर्ट कराने के लिए निगम ने शिकायती पत्र पुलिस को भेज दिया है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार रामगोपाल कॉलोनी में 3200 वर्ग मीटर व्यावसायिक प्रॉपर्टी है, जिसका टैक्स पांच से छह लाख रुपये है। प्रॉपर्टी मालिक ने टैक्स की चोरी करके निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए प्रॉपर्टी को 357 वर्ग मीटर बताकर नई प्रॉपर्टी आईडी बनाने के लिए आवेदन किया। आवेदन के समय रजिस्ट्री की प्रति जमा की गई, मगर दस्तावेजों से छेड़छाड़ करके। जमा किए दस्तावेज में 3200 वर्ग मीटर की जगह 357 वर्ग मीटर जमीन दर्शाई गई। दस्तावेज की जांच करते समय निगम कर्मियों को गड़बड़ी की आशंका हुई तो दस्तावेजों की जांच तहसील से करवाई गई। जांच करवाने पर पता चला कि छेड़छाड़ करके दस्तावेजों को जमा करवाया गया है। यही नहीं, एक बिना नाम की आईडी भी बनवा रखी है। मामले की गंभीरता को देख प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के अधिकारियों ने तुरंत मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इस पर निगम प्रशासन ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शिकायती पत्र पुलिस को भेज दिया है।
संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए व्यावसायिक प्रॉपर्टी को छोटा दर्शाने के लिए जमा कराए दस्तावेज में छेड़छाड़ की गई है। यही नहीं, निगम की प्राथमिक जांच में पता चला है कि एक बिना नाम की आईडी भी बनाई गई है। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को शिकायती पत्र भेज दिया गया है।