पंडित लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुपवा में प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही आवेदन आने शुरू हो गए हैं। फिल्म एवं टीवी, दृश्य कला, डिजाइन और वास्तुकला के संकायों के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के लिए विद्यार्थी 23 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया में तेजी के लिए कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने मंगलवार को प्रवेश समिति की बैठक ली। कुलपति ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पर प्रसन्नता जताते हुए विश्वविद्यालय के प्रत्येक संकाय के पास अपनी कंप्यूटर लैब सुविधा होने का विश्वास दिलाया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस वर्ष लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक मास्टर इन मास कम्युनिकेशन (मीडिया प्रोडक्शन) कार्यक्रम के लिए फीस में कमी का फैसला मुख्य है। प्रथम सेमेस्टर की फीस 31,500 से 24,000 रुपये कर दिया गया है। शेष तीन सेमेस्टर की फीस 40,500 से 23,000 प्रति सेमेस्टर घटाई गई है। कुल मिलाकर यह कुल शुल्क में 38 प्रतिशत की कटौती है। प्रभारी जनसंचार एवं निदेशक जनसंपर्क बेनुल तोमर ने इसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मास कम्युनिकेशन पीजी कार्यक्रम उद्योग और थ्योरी शिक्षा का एक अनूठा मिश्रण है। विभाग में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों और उत्पादन सुविधाओं की वजह से यह कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए कम किफायती था। फीस में कमी अधिक छात्रों को इस अत्यधिक पेशेवर कार्यक्रम तक पहुंच प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि यह डिग्री छात्रों को फिल्म एवं टेलीविजन, न्यू मीडिया और डिजिटल वेब प्रोडक्शन, प्रिंटिंग और ब्रॉडकास्ट उद्योग, कॉरपोरेट संचार और विज्ञापन के विविध क्षेत्रों में रोमांचक कॅरियर हासिल करने में सक्षम बनाएगी। विवि के अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ, पीएलसी सुपवा में विशाल सेमिनार हॉल, प्रयोगशालाएं, कार्यशालाएं और स्टूडियो हैं।
वर्तमान में यहां चार संकाय हैं। इनमें 14 स्नातक डिग्री स्तर के कार्यक्रम ऑफर किए जा रहे हैं। इनमें से चार ललित कला संकाय, चार डिजाइन संकाय, पांच फिल्म और टेलीविजन संकाय और एक योजना एवं वास्तुकला संकाय में है। इसके अलावा शैक्षणिक सत्र 2019-2020 में प्रत्येक संकाय में स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें मास्टर इन फैशन डिजाइन, मास्टर इन एप्लाइड आर्ट्स, मास्टर इन मास कम्युनिकेशन और मास्टर इन प्लानिंग शामिल हैं। साथ ही पिछले सत्र से 14 डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं।