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कोरोना काल में भी स्कूल जा रहे पांचवीं तक के विद्यार्थी

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Students up to class 5th going to school even during the Corona period
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कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। शासन व प्रशासन तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी में जुटा हैं। इसके विपरीत कुछ निजी स्कूल अपनी मनमानी चला रहे हैं। कोविड-19 के नियमों को ताक पर रखकर पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जा रहा है। अमर उजाला ने पिछले दो दिनों में विभिन्न स्कूलों का जायजा लिया तो यह सच सामने आया।
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महामारी काल में सरकार ने व्यवस्था बनाने के लिए लॉकडाउन में कुछ रियायत दी है। इसके तहत बाजार, मॉल व निजी संस्थानों के साथ कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए हैं। यहां भी कोविड-19 के नियमों की पालना अनिवार्य है। इसमें सामाजिक दूरी, मास्क लगाना, हाथ सैनिटाइज करना व धोना मुख्य है। इन नियमों का पालन नहीं करने पर जिला प्रशासन संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इसके बावजूद शहर व शहर से बाहर स्थित कई निजी स्कूल इन नियमों को दरकिनार कर मासूम बच्चों को स्कूल बुला रहे हैं। कक्षा पांचवीं से कम के बच्चों को स्कूल बुलाने पर प्रतिबंध के बावजूद इनकी स्कूल में ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जा रही हैं। ऐसे में ये बच्चे संक्रमण के हाई रिस्क पर है। संक्रमण ने असर दिखाया तो बड़ी संख्या में मासूम चपेट में आ सकते हैं।
एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर चलते हैं बच्चे
महामारी काल में स्कूल आ रहे मासूम संक्रमण के खतरे से बेपरवाह हैं। अपनी मस्ती में मस्त ये बच्चे न कोविड नियम जानते हैं और न संक्रमण का खतरा। यही वजह है कि वे पहले ही तरह ही अब भी एक-दूसरे के साथ घुल मिलकर खेल रहे हैं। टिफिन शेयर कर रहे हैं। स्कूल से घर भी एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर ही जाते हैं। चेहरे से मास्क पूरी तरह गायब है। ऐसे में संक्रमण के खतरे की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है। इन सब बातों के बावजूद मासूमों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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प्ले स्कूल भी पीछे नहीं
कोरोना काल में कोविड नियमों के विरुद्ध खोले जा रहे स्कूलों में प्ले स्कूल भी कम नहीं हैं। शहर के अनेक प्ले स्कूल धड़ल्ले से खोले जा रहे हैं। यहां नौनिहाल रोजाना पढ़ने भी आ रहे हैं।
तीसरी लहर का बच्चों पर रहेगा असर
पीजीआई के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ की मानें तो कोरोना की तीसरी की संभावित है। यह कभी भी आ सकती है। इस लहर का बच्चों का ज्यादा असर होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसके चलते संस्थान में बच्चों के बेहतर इलाज के लिए व्यवस्था की जा रही है। इसी कड़ी में शिशु रोग विभाग में 100 बिस्तर का आईसीयू भी तैयार किया जा रहा है।
कोविड-19 के नियमों के साथ कक्षा से छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए हैं। कक्षा पांच से कम के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाए जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी
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