बंदर, कुत्ता या अन्य जानवर के काटे जाने से परेशान मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। इनके इलाज के लिए पीजीआई में एंटी रैबीज की 4900 वैक्सीन पहुंच गई है। मुख्यालय से सप्लाई नहीं मिलने की वजह से इसकी कमी बनी हुई थी। इस कारण मरीजों को बाजार से महंगे दामों पर यह वैक्सीन खरीदनी पड़ रही थी। लोगों की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद वैक्सीन की डिमांड भेजी गई। अब मुख्यालय ने वैक्सीन की एक खेप संस्थान को भेजी है। इससे करीब छह महीने का काम चलाया जा सकता है। संस्थान में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए औसतन 70 मरीज रोज आ रहे थे। यह आंकड़ा कई बार 100 से भी ऊपर पहुंचा है। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या न के बराबर बताई गई है।
पीजीआई में एंटी रैबीज वैक्सीन की बड़ी खेप आ गई है। यह संख्या करीब 4900 है। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। संस्थान में मरीजों की सुविधा व दवा की उपलब्धता के लिए और वैक्सीन की भी मांग की जाएगी।
- डॉ. रोहताश कंवर यादव, कार्यकारी कुलपति, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय