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एसआई ने जान पर खेलकर बचाई महिला की जान

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रोहतक रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर चलती ट्रेन पर चढ़ने के दौरान फिसली महिला की सीसीटीवी फुटे?
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रोहतक। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जीआरपी के एसआई ने जान पर खेलकर एक महिला की जान बचाई। चलती ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच में फंसी महिला को बचाने के प्रयास में एसआई करीब चार फुट तक घिसटते चले गए मगर उन्होंने महिला को मजबूती से पकड़े रखा। इससे एसआई के हाथ-पैर में काफी खरोंच आ गई।
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हुआ यह है कि जीआरपी थाने में तैनात एसआई बलवान सिंह प्लेटफार्म नंबर-एक पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात थे। सुबह करीब 8:40 बजे जाखल-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन दिल्ली जाने के लिए चलने लगी। तभी न्यू चिन्योट कॉलोनी निवासी महिला दौड़ते हुए आई और ट्रेन में चढ़ने लगी। उसने गेट पर दोनों तरफ लगे हत्थों को पकड़कर चढ़ने का प्रयास किया मगर तभी उनका संतुलन बिगड़ गया। इससे हत्थे की पकड़ ढीली हो गई और वह तेजी से प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच के अंतर (गैप) में गिर गई। यह देख एसआई बलवान ने छलांग लगाकर उसके दोनों हाथ पकड़ लिया। ट्रेन के साथ एसआई और महिला कुछ दूरी तक घिसटते चले गए। इससे एसआई का हाथ-पैर में काफी खरोंच आ गई। वहीं, यह घटना देख स्टेशन पर शोर मच गया और तभी ट्रेन में सवार यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन के रुकने के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घबराई महिला को लोगों ने काफी ढांढस बंधाया और फिर उसी ट्रेन में बैठाकर रवाना कर दिया। उसने बताया कि वह गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करती है। उन्होंने बताया कि एसआई बलवान की वजह से उनकी जान बची है।
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गोरखधाम एक्सप्रेस में मिला आठ वर्ष का लावारिस बच्चा
फोटो.... अनुराग जी 110 नंबर
रोहतक। गोरखधाम एक्सप्रेस से जीआरपी को करीब आठ वर्षीय लावारिस बच्चा मिला है। काउंसलिंग कराने के बाद बच्चे को लखीराम आर्य अनाथालय में पहुंचा दिया गया है। वहीं, परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
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जीआरपी थाने में तैनात एसआई नरेश कुमारी ने बताया कि बुधवार की शाम 7:10 बजे गोरखधाम एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुकी। चेकिंग के दौरान पता चला कि ट्रेन में करीब आठ वर्ष का लावारिस बच्चा है। बच्चा गलत हाथों में नहीं जाए, इसलिए एसआई नरेश कुमार ने तुरंत बच्चों को कब्जे में लिया। थाने पर बच्चों का खाना-पीना कराया और उसके परिजनों ने बारे में जानकारी की। बच्चे ने अपना नाम पवन पिता का नाम रमेश बताया। उसने बताया कि वह शिव मंदिर भिवानी का रहने वाला है। इसके बाद वीरवार को बच्चे की काउंसलिंग कराई गई और फिर अनाथालय भेज दिया गया। वहीं, जीआरपी बच्चे के परिजनों ने संपर्क करने में रात तक जुटी रही।
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