रोहतक शहर के सेक्टर छह स्थित बाग हमारी जमीन पर बना है। पथरीली जमीन पर बड़ी मुश्किल से पेड़ पौधे लगाए। शुरू से हम इस नौ एकड़ जमीन के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। इस पर सरकार कब्जा करना चाहती है। इस मामले में एक कमेटी बने। कमेटी मौके का मुआयना करे और देखे कब्जे पर कौन है। यह कहना है किशनपुरा निवासी राजबीर राठी का। वह बुधवार को बाग में नवीन जयहिंद के साथ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि अपने साथ हो रहे इस अन्याय को लेकर 1200 किसान लड़ाई लड़ेंगे। इसका नेतृत्व नवीन जयहिंद करेंगे। जयहिंद ने कहा कि हमारे पास सुप्रीम कोर्ट में जाने का समय है। हम यह जमीन नहीं देंगे। इसके लिए अपनी जान दे देंगे। यहां हरे भरे पड़े काट कर प्लॉट नहीं काटने देंगे। अपने सिर कटवा लेंगे।
उन्होंने कहा कि राजबीर राठी व अन्य किसान अपनी जमीन के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार ने 300 एकड़ खाली जमीन रिलीज की थी। इस पर प्रशासन कब्जा करने आया तो 2008 में हाईकोर्ट से स्टे मिला। इसी आधार पर इनकी जमीन रिलीज करने भी बात उठाई गई। इस पर 2012 को स्टे मिला।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने इस जमीन में हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद प्लॉट काट दिए। अब प्रशासन कब्जा लेने की तैयारी कर रहा है। इनका दावा है कि इस जमीन पर न पेड़ पौधा है न कोई घर। यहां कोई नहीं रहता है।
वह पिछले दस वर्षों से यहां रह रहे हैं। यहां लगे बिजली मीटर का बिल भी भर रहा है। सरकार ने कोर्ट में इस जमीन पर अपना कब्जा बताया है। जब कब्जा है तो फिर कब्जा लेने का सवाल ही नहीं उठता है।