कॉलेजों में विभिन्न पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए पहले चरण में विद्यार्थियों की पहली पसंद राजकीय कॉलेज रहे। इन कॉलेजों में ज्यादातर सीटें भर गईं। जबकि, गैर सरकारी कॉलेजों में काफी सीटें खाली हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार जिन विद्यार्थियों का नाम मेरिट लिस्ट में आया था, उनके फीस भरने का समय खत्म हो गया।
फीस काफी कम होने के कारण विद्यार्थी सरकारी कॉलेजों को तरजीह देते हैं। अगर वहां दाखिला नहीं मिला तो दूसरे कॉलेजों में जाते हैं। पीजी के पहले चरण में भी यही ट्रेंड रहा। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय के ज्यादातर पाठ्यक्रमों में करीब 90 प्रतिशत सीटें बुधवार शाम तक भर गई थीं। यह हाल राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय का था। जबकि, गैर सरकारी कॉलेजों में सीटें काफी खाली रहीं। जाट कॉलेज में बुधवार शाम तक करीब 40 प्रतिशत सीटें ही भर पाई थीं। एमएससी बॉटनी में लगभग 50 प्रतिशत तक सीटें भर गई थीं। पिछले साल यहां बॉटनी की मेरिट 90 प्रतिशत से नीचे नहीं आई थी, इस बार 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसी तरह गौड़ ब्राह्मण कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 30 फीसदी सीटें ही भरी हैं। लेकिन यह पिछले साल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है। पिछले साल मेरिट लिस्ट आने के बाद सिर्फ 25 प्रतिशत सीटें भर पाई थीं। लेकिन फिजिकल काउंसिलिंग में कॉलेज की सारी सीटें भर गई थीं। इस बार भी फिजिकल काउंसिलिंग में ही दाखिले होंगे। निदेशालय 12 नवंबर को पहली वेटिंग लिस्ट जारी करेगा, उसके साथ ही कॉलेजों में फिजिकल काउंसिलिंग शुरू हो जाएगी।
परीक्षा परिणाम जारी
एमडीयू ने जुलाई, अगस्त 2021 में आयोजित एमकॉम प्रीवियस डीडीई की री-अपीयर, एमए लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, इतिहास, हिंदी व अर्थशास्त्र वार्षिक प्रीवियस की री-अपीयर की परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने बताया कि परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।