विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन।
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हरियाणा के रोहतक में पीजीआईएमएस में नये सत्र की पढ़ाई 16 दिसंबर से शुरू हो रही है। कक्षाओं के शुरू होने से पहले ही पीजीआई प्रशासन ने मंगलवार को नये सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के अभिभावकों की मीटिंग बुलाई थी। लेकिन बॉन्ड पॉलिसी का विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में ज्यादातर अभिभावक नहीं पहुंचे। पीटीएम में सिर्फ आठ अभिभावक ही शामिल हुए। उनमें भी छह एनआरआई थे। अमर उजाला से हुई बातचीत में अभिभावकों के साथ आए कुछ विद्यार्थियों ने इसकी जानकारी दी।
पीजीआई के लेक्चर थियेटर में मंगलवार को पीटीएम (अभिभावक-शिक्षक बैठक) बुलाई गई। जिसमें एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाया गया। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति समेत पीजीआई के अधिकारियों ने पीटीएम में पहुंचे चंद अभिभावकों से बातचीत की।
यहां उन्हें 16 दिसंबर से कक्षाएं शुरू होने की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए कक्षा में आने की अपील की। उन्होंने बताया कि दूरदराज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास खाली करा लिए गए हैं। इन्हें छात्रावास में जगह दी जाएगी। साथ ही वार्डन के संपर्क नंबर विद्यार्थियों को देते हुए हैं। किसी भी तरह की समस्या होने पर बात करने के लिए कहा गया है।
आए हुए अभिभावकों ने बॉन्ड पॉलिसी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे एमबीबीएस के विद्यार्थियों के कारण अपने बच्चों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अनशन कर रहे विद्यार्थी उनके बच्चों को परेशान कर सकते हैं।
इस पर प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा की उचित व्यवस्था करने का आश्वासन देते हुए कक्षा में भेजने की अपील की। शिक्षकों की मानें तो पीटीएम से अभिभावकों ने दूरी बनाए रखी। इसके चलते आठ ही अभिभावक पीटीएम में शामिल हुए।
नए विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे आंदोलनकारी, नहीं मिला प्रवेश
लेक्चर थियेटर वन में आयोजित पीटीएम में पहुंचे विद्यार्थियों व अभिभावकों से मिलने मंगलवार को आंदोलनकारी विद्यार्थी एमएस कार्यालय पहुंचे। यहां उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसके चलते हाथों में चार्ट थामे विद्यार्थियों ने वहीं नारेबाजी करते हुए बॉन्ड पॉलिसी का विरोध किया। यहां करीब दो घंटे विद्यार्थी नारेबाजी करते रहे। बाद में सभी अनशनस्थल पर लौट गए। विद्यार्थियों ने कहा कि अभिभावक भी हमारे साथ हैं, इसलिए पीटीएम का बहिष्कार करते हुए आठ ही अभिभावक पहुंचे।