फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेतों में बिछी धान की फसल, किसान मायूस

विज्ञापन
धान की फसल । संवाद
विज्ञापन
पहले बारिश, फिर जलभराव की मार झेलने के बाद धान की फसल अब खेत में बिछ गई है। पिछले सप्ताह तेज हवाओं से साथ आई बारिश ने धान को बहुत नुकसान पहुंचाया है। किसानों का मानना है कि धान की फसल खेत में ही पड़ी-पड़ी सड़ जाएगी। इससे किसानों को भारी नुकसान होगा।
विज्ञापन

सितंबर में झमाझम बारिश हुई थी। इसकी वजह से ज्यादातर गांवों में बारिश का पानी खेतों में भर गया था। पिछले सप्ताह तेज बारिश और जोरदार हवाएं चलने के कारण धान की फसल खेतों में बिछ गई है। खेत में पहले ही पानी भरा है। किसानों को आशंका है कि फसल बर्बाद हो जाएगी। किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने बताया कि कलावड़, कारौर, मायना, करोंथा, शिमली, पहरावर और शहर से सटे ज्यादातर गांवों में फसल बिछ गई है। इसके अलावा सांपला के गांव नौनंद, पाकस्मा, कसरेंटी, चुलाणा, समचाना, मोरखेड़ी, आयल आदि गांवों में भी धान की फसल का यही हाल हुआ है। सभी जगह खेत में पानी भरा था, तेज हवा चलने से फसल बिछ गई है। अब यह बिल्कुल बर्बाद हो जाएगी। इसके अलावा धान की फसल को बीमारी लगने की आशंका भी है।
आज उपायुक्त कर सकते हैं किसानों के साथ बैठक
खेतों में जलभराव और धान की फसल खेत में बिछने के मामले में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार सोमवार को किसानों के साथ बैठक कर सकते हैं। प्रशासन ने इससे पहले शुक्रवार को ही बैठक रखी थी, लेकिन अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) राजीव अरोड़ा की बैठक के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने कहा कि सरकार ने स्पेशल गिरदावरी के आदेश दे दिए हैं, लेकिन अब तक प्रशासन ने गिरदावरी शुरू नहीं करवाई है। अगर सोमवार को उपायुक्त के साथ बैठक हुई तो ये मुद्दे उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें