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एक्यूआई 315 पर, लोगों को सांस लेने में हुई परेशानी

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रेवाड़ी में छाया स्मॉग। संवाद - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। प्रदूषण के मामले में जिला बदतर हालात में पहुंच गया है। जिले में शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 पर रहा। क्षेत्र में सुबह से ही स्माग छाई रही। इस दौरान स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई तथा आंखों में भी जलन महसूस की। दिवाली के बाद दो दिन से प्रदूषण का स्तर भी खासा बढ़ गया। अगर स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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सर्दी की दस्तक के साथ ही स्मॉग की चादर भी गहराने लगी है। दिवाली के दिन से ही हालात बिगड़ने शुरू हो गए थे। इस दिन सुबह के समय स्मॉग नजर आई। रात को जमकर आतिशबाजी हुई, जिसके बाद शुक्रवार को स्मॉग की चादर पूरी तरह से गहरा गई। सुबह से ही क्षेत्र पूरी तरह से स्मॉग धुंधला था। धारूहेड़ा में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 376 और शनिवार को 315 पर रहा। जबकि धारूहेड़ा में शनिवार पीएम 10 का स्तर 190 रहा। प्रदूषण व स्माग की चादर छाने के कारण सांस व दिल के रोगियों को सर्वाधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सांस के रोगियों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल भरा हो रहा है। चिकित्सक भी उन्हें बिना मास्क लगाए बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि पिछले साल अक्तूबर से ही हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया था तथा दिवाली के नजदीक तो एक्यूआई 500 के लगभग पहुंच गया था। इस बार अक्तूबर में प्रदूषण का स्तर ठीक रहा तथा नवंबर में भी शुरुआती दिनों के दौरान प्रदूषण नहीं था, लेकिन दीवाली के अगले दिन प्रदूषण का स्तर अचानक से बढ़ गया। तीन नवंबर को धारूहेड़ा में एक्यूआई 157 था और चार नवंबर को 237 रहा था।
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सांस के मरीजों का घुटने लगा है दम
प्रदूषण व स्माग की चादर छाने के कारण सांस व दिल के रोगियों को सर्वाधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सांस के रोगियों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल भरा हो रहा है। चिकित्सक भी उन्हें बिना मास्क लगाए बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं।
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तारीख एक्यूआई
1 नवंबर 209
2 नवंबर 205
3 नवंबर 157
4 नवंबर 237
5 नवंबर 376
6 नवंबर 315
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हृदय व सांस के रोगियों के लिए यह वातावरण बेहद खतरनाक है। हवा में उपस्थित धूल और कण फेफड़ों में बैठ जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। दम फूलने से रक्तचाप भी बढ़ने लगता है। सांस व दिल के रोगी अतिआवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें।
-डा. रणबीर सिंह, हृदय रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल।
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अगर किसी व्यक्ति को नेत्र में जलन हो रहीं है तो वह आलू-खीरे की स्लाइस को 5 से 10 मिनट तक आंखों पर ढकें। इससे उन्हें काफी हद तक आराम मिलेगा। वहीं इस दौरान लगातार काम न करे, बीच-बीच में आंखों को आराम दें। सोने से पहले गर्म पानी से भाप लें। पीने के लिए हल्के निवाय पानी का प्रयोग करें। इसके अलावा सोने से पहले शहद को गर्म पानी में मिलाकर पीने से शरीर को काफी फायदा मिलेगा।
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-डॉ. अर्चना, आयुर्वेदिक चिकित्सक।
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