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अब एनडीसी आवेदन की जांच करेंगे डीएमसी व ईओ

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अनएप्रूव्ड (अमान्य) प्रॉपर्टी को एप्रूव्ड (मान्य) दर्शाकर नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) जारी करने के मामलों को शासन ने गंभीरता से लिया है। मिलीभगत से चल रही गड़बड़ी पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने कई चेकिंग बैरियर (अवरोध) लगा दिए हैं, जिनकी जिम्मेदारी अफसरों को सौंपी गई है।
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नगर निकाय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमान्य प्रॉपर्टी की एनडीसी जारी करने की कई शिकायतें मिली हैं। जांच में खुलासा हुआ कि मिलीभगत से अमान्य प्रॉपर्टी को निगम साइट पर कुछ समय के लिए मान्य दर्शा दिया गया। एनडीसी जारी होने के बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो गई तो दोबारा से अमान्य कर दिया। रोहतक निगम में ऐसी गड़बड़ी के कुछ मामले हैं, जिसकी जांच हो रही है। वहीं, शासन के आदेश पर एनडीसी जारी करने में कई चेकिंग बैरियर लगा दिए गए हैं, जिसकी अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया अभी तक मेकिंग (ऑनलाइन आवेदन को सबसे पहले खोलकर जानकारी चेक करना) और चेकिंग (आवेदन के तथ्यों की जांच करना) का काम निगम का लिपिकीय स्टाफ करता था। मेकिंग व चेकिंग के बाद एनडीसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू होती है। अब तय हुआ है कि आवेदन की मेकिंग डीएमसी (डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर) और चेकिंग ईओ (कार्यकारी अधिकारी) करेंगे। ईओ के नहीं होने पर अधिशासी अभियंता चेकिंग करेंगे। ऐसे होने से न सिर्फ गड़बड़ी रुकेगी बल्कि अधिकारी की जिम्मेदारी व जवाबदेही तय हो जाएगी।
अमान्य प्रॉपर्टी के आवेदनों की जांच शुरू
नगर निगम की साइट पर 24 अगस्त तक एनडीसी के आए आवेदनों की जांच निकाय निदेशक कार्यालय में तैनात टाउन प्लानर (टीपी) ने शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि तीन-चार दिन में जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।
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अब एक भी आवेदन नहीं होगा ऑफलाइन
निगम आयुक्त ने सख्त आदेश जारी कर दिए हैं कि अब एक भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिसको भी आवेदन करना है, वह सिर्फ ऑनलाइन करें। यदि कोई ऑफलाइन आवेदन लेगा, तो जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई होगी।
एनडीसी जारी करने के लिए मिलीभगत करके अमान्य प्रॉपर्टी को कुछ समय के लिए मान्य दर्शाने की शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस पर अंकुश लगाने के लिए कई चेकिंग बैरियर बनाए गए हैं। मेकिंग व चेकिंग की जिम्मेदारी भी लिपिक स्टाफ से हटा ली गई है। अब डीएमसी और ईओ मेकिंग-चेकिंग का काम करेंगे।
- केके वार्ष्णेय, चीफ टाउन प्लानर, पंचकूला
मिलीभगत से एनडीसी जारी करने की शिकायतों पर शासन सख्त है। हेराफेरी करके किसी प्रॉपर्टी की एनडीसी जारी की गई है तो वह मान्य नहीं मानी जाएगी। इस पर अंकुश लगाने के लिए ऑफलाइन आवेदन लेना बंद कर दिया गया है। यदि गड़बड़ी में किसी कर्मी की मिलीभगत मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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- नरहरि बांगड़, आयुक्त, नगर निगम
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