रोहतक। सर्वाधिक व्यस्त किला रोड बाजार में सीवर ओवरफ्लो होने से करीब 36 घंटे तक सड़क पर गंदे पानी का भराव रहा। इसको लेकर जनस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम आमने-सामने आ गए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि निगम ने बिना जाली लगाए नालों को सीवर से जोड़ दिया है। प्लास्टिक व पॉलिथीन से सीवर ब्लॉक हुआ है।वहीं निगम का आरोप है कि जाली लगाने के लिए 20 लाख रुपये दिए थे। जाली नहीं लगी है, तो जांच करवाकर दोषी पर कार्रवाई करें। अब सवाल यह है कि 20 लाख रुपये की जाली कहां लापता हो गई।
किला रोड बाजार में शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे से सीवर ओवरफ्लो होने से गंदे पानी का भराव हुआ, जो शनिवार की शाम करीब सात बजे तक रहा। इससे बाजार में खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों को गंदे पानी से होकर आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसकी शिकायत पर नगर निगम ने नालों की सफाई के लिए अपनी टीम लगा दी है, जिससे शाम करीब सात बजे जलभराव खत्म हुआ।
जनस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अधिकारी आमने सामने
इस मामले में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता रोहित कुमार का कहना है कि निगम ने बिना जाली लगाए नालों को सीवर लाइन से जोड़ा है। इससे प्लास्टिक की बोतलों व पॉलिथीन से सीवरेज लाइन ब्लॉक हुई है। सोमवार को निगम प्रशासन को जाली न लगाने के बाबत पत्र लिखा जाएगा।
वहीं, निगम के अधिशासी अभियंता हेडक्वार्टर मनजीत दहिया ने बताया कि दो साल पहले जाली लगाने के लिए 20 लाख रुपये का भुगतान किया था। जालियां निगम को नहीं जनस्वास्थ्य विभाग को लगानी है। अब जाली नहीं लगी है तो जनस्वास्थ्य विभाग जालियां लगवाए और गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई करें। निगम भी अपने स्तर से जांच करेगा। यदि जालियां नहीं लगी होंगी तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
व्यापारी हुए आक्रोशित तो पहुंची निगम की टीम
बाजार में दो दिन से सीवर का गंदा पानी भरा होने की शिकायत के बाद भी समस्या का निदान नहीं होने से व्यापारी में आक्रोश फैल गया। इसकी सूचना मिलने पर निगम ने दो टीमों को मौैके पर भेजकर नालों की सफाई शुरू करवा दी। सीएसआई ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन ओवरफ्लो होने की वजह से समस्या पैदा हुई है। रही बात नालों की गंदगी की तो हर सप्ताह टीमें लगाकर किला रोड बाजार, प्रताप कॉलोनी और इंदिरा कॉलोनी तक सफाई करवाई जाती है।
बोले दुकानदार-
गंदे पानी का दो दिन से भराव होने की वजह से ग्राहक नहीं आ रहे। शनिवार दोपहर तक एक भी ग्राहक खरीदारी करने के लिए नहीं आया।
- कश्मीरी लाल, दुकानदार
बिना बारिश के शुक्रवार से बाजार में जलभराव के हालात हैैं। इससे काफी दिक्कत हो रही है। ग्राहक दुकान में नहीं आ रहा और हम हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।
- ध्रुव, दुकानदार
सीवर का गंदा पानी भरा होने की वजह से दुकान में सांस लेना दूभर हो रहा है। दुकान तक पानी भरा हुआ है, जिसके कारण ग्राहक खरीदारी करने नहीं आ रहे हैं।
- विशाल, दुकानदार
जलभराव की वजह से ग्राहकों को सामान पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। बार-बार ग्राहकों के फोन आ रहे हैं मगर गंदे पानी का भराव होने की वजह से बाधा पैदा हो रही है।
- राजकुमार, दुकानदार
सहालग चल रहे हैं। कई ग्राहकों के ऑर्डर तैयार करके घरों तक पहुंचाने हैं। जलभराव की वजह से इतनी ज्यादा दिक्कत हो रही हैं कि ऑर्डर समय पर नहीं पहुंच रहे।
- रवि कुमार, दुकानदार
शनिवार का दिन भी गंदे पानी का भराव होने की वजह से बेकार निकल गया है। बदबू इतनी ज्यादा है कि उबकाई आती हैं। ऐसे में ग्राहक कैसे आएगा।
- गौरव खुराना, दुकानदार
वर्जन
नगर निगम के नालों में जाली नहीं लगी है, जिसकी वजह से सीवर लाइन पॉलिथीन व प्लास्टिक की बोतलों की वजह से ब्लॉक हो गई है। जनस्वास्थ्य विभाग की वजह से नहीं बल्कि निगम की वजह से समस्या पैदा हुई है।
- रोहित कुमार, अधिशासी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग
नालों में जाली लगाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को दो साल पहले 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। अब जाली नहीं लगी है, तो हमारा क्या लेना। सोमवार को भुगतान के दस्तावेज जनस्वास्थ्य विभाग को भेज देंगे।
- मनजीत दहिया, अधिशासी अभियंता हेड क्वार्टर नगर निगम
मेरे कार्यकाल में निगम से कोई भुगतान नहीं आया है। पता किया जाएगा मगर सीवर ओवरफ्लो की समस्या निगम की वजह से हैं। सोमवार को पता करवा लेंगे कि निगम ने भुगतान किया या नहीं।
- राजीव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग
बात 20 लाख रुपये देने अथवा न देने की नहीं। सीवर लाइन साफ रखना जनस्वास्थ्य विभाग का काम है। निगम नालों का पानी सीवर में नहीं बहाएगा तो कहां बहाएगा। यदि समस्या है तो शासन को लिखकर फंड मांगे और समस्या का निदान करें।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त