नगर निगम के तेवर प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर सख्त हो गए हैं। चिह्नित 500 बकायेदारों को प्रॉपर्टी सीलिंग के नोटिस थमा दिए गए हैं। एक सप्ताह में टैक्स जमा न होने पर निगम सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाएगा।
नगर निगम की आर्थिक हालात सही नहीं है, ऊपर से हर माह वेतन के रूप में करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। तमाम प्रयास के बावजूद निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली रफ्तार नहीं पकड़ रही है। चालू वित्तीय वर्ष में निगम को 1.98 लाख प्रॉपर्टी से 50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली करनी है। पांच माह गुजरने के बावजूद निगम अभी तक करीब 8.50 करोड़ रुपये ही वसूली कर सकी है। ऐसे में 41.50 करोड़ रुपये की वसूली चुनौतीपूर्ण है। वहीं, निगम अधिकारी लगातार टैक्स वसूली पर जोर दे रहे हैं मगर रफ्तार नहीं बढ़ पा रही। इस वजह से निगम प्रशासन के तेवर एकदम सख्त हो गए हैं। जिसके चलते बड़े 500 बकायेदारों को प्रॉपर्टी सीलिंग के नोटिस थमा दिए गए हैं। जिसमें एक सप्ताह के अंदर टैक्स जमा न करने पर सीधे सीलिंग की कार्रवाई करने की हिदायत है। अधिकारियों ने तय किया है कि एक सप्ताह में यदि टैक्स जमा नहीं हुआ तो रणनीति बनाकर प्रॉपर्टी को सील करना शुरू कर दिया जाएगा। नगर निगम के मुख्य कराधान अधिकारी जगदीश शर्मा ने बताया कि अभी तक करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स ही जमा हो सका है। इसके चलते करीब 500 बकायेदारों को सीलिंग के नोटिस थमा दिए गए हैं। एक सप्ताह में टैक्स जमा न करवाने पर रणनीति के तहत सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।