एमडीयू का संस्कृत विभाग श्रीमद्भागवत गीता में फिलोस्फी (दर्शन) कराने की तैयारी कर रहा है। विभाग ने यह प्रस्ताव ईसी (कार्यकारी परिषद) में मंजूरी के लिए भेज दिया है। नए शैक्षणिक सत्र से यह डिप्लोमा कोर्स शुरू किया जाना है।
गीता के ज्ञान से युवाओं को परिचित कराने व उनके बौद्धिक विकास की ओर एमडीयू ने बड़ा कदम बढ़ाया है। इसके तहत संस्कृत विभाग ने श्रीमद्भागवत गीता में फिलोस्फी (दर्शन) कराने का एक प्रस्ताव तैयार किया है। यह एक वर्ष का डिप्लोमा कोर्स होगा। इसके लिए 40 सीटों की मांग की गई है। इस कोर्स में किसी भी संकाय से स्नातक पास कोई भी विद्यार्थी प्रवेश प्राप्त कर सकता है। इससे युवाओं को गीता के ज्ञान के साथ समाज व अपने कर्तव्य को समझना आसान होगा।
नए शैक्षणिक सत्र से विभाग ने गीता फिलोस्फी का नया डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की तैयारी की है। इसे ईसी से मंजूरी मिलनी शेष है। इस एक वर्षीय कोर्स में कोई भी स्नातक पास विद्यार्थी प्रवेश ले सकता है।
-डॉ. सुनीता सैनी, अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, एमडीयू।