तन्नू का स्वागत करते ग्रामीण। संवाद
हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं गांव मोखरा की बेटी तन्नू मलिक का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने रंग-गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया। वहीं महिलाओं ने मंगल गीत गाकर और लोकनृत्य के माध्यम से अपनी खुशी प्रकट की। इस दौरान पहलवान तन्नू ने कहा है कि अभी तो शुरुआत है। मुख्य लक्ष्य तो ओलंपिक में पदक हासिल करना है। अगले ओलंपिक तक वह सीनियर वर्ग में आएंगी तथा प्रतियोगिता में भाग लेने के योग्य हो जाएंगी।
खिलाड़ी ने बताया कि वह महिला पहलवान साक्षी मलिक को अपना आदर्श मानती हैं। साक्षी मोखरा गांव की ही बेटी हैं। तन्नू मलिक फिलहाल दसवीं से 11वीं कक्षा में पहुंची हैं। उनका कहना है कि वे अपनी पढ़ाई को भी समय देती हैं। तन्नू मलिक ने फाइनल में बुडापेस्ट की पहलवान को हराया है।
तन्नू के पिता राजवीर ने बताया कि उनकी बेटी ने गांव तथा देश का नाम रोशन किया है। उन्हें अपनी बेटी पर नाज है। वे अपनी बेटी को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए तत्पर हैं। 48 किलो ग्राम भार वर्ग में चैंपियनशिप जीत कर लौटी तन्नू ने अपनी चार कुश्तियों के दौरान अपने प्रतिद्वंद्वी को एक भी अंक नहीं लेने दिया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान अर्जुन चौटाला तथा विधायक बलराज कुंडू भी गांव पहुंचे थे। इस मौके पर बलराज कुंडू ने तन्नू को 5 लाख 51 हजार रुपये की नकद राशि सम्मान स्वरूप भेंट की है। वहीं, 10 हजार रुपये प्रतिमाह आहार खर्च वहन करने की भी घोषणा की।
माडिया पहलवान के अखाड़े में करती हैं अभ्यास
गांव के माडिया पहलवान के अखाडे़ में तन्नू मलिक अभ्यास करतीं हैं। गांव वालों ने माडिया पहलवान के लिए द्रोणाचार्य सम्मान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि माडिया पहलवान ने अब तक 500 से ज्यादा राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान तैयार किए हैं। वे इस सम्मान के हकदार हैं।