पॉश इलाकों में कायदे-कानून दरकिनार करके बनी 26 बिल्डिंग मंगलवार को नगर निगम टीम ने सील कर दीं। डीएलएफ कॉलोनी में कार्रवाई के दौरान लोगों ने टीम का विरोध किया। किसी ने निगम की कार्रवाई गलत बताई तो किसी ने निर्माण के समय नहीं रोकने पर निगम अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए।
नगर निगम के एटीपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि शहर में कई बिल्डिंग स्वीकृत नक्शा के विरुद्ध बनाई गई हैं। किसी में ऊंचाई ज्यादा है तो किसी में ज्यादा कवर्ड एरिया में निर्माण हुआ है, जो नियम के विरुद्ध है। निगमायुक्त प्रदीप गोदारा के आदेश पर ऐसे भवन चिह्नित करके सील करने का अभियान शुरू कर दिया है। ऐसे भवनों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1984 की धारा 261 व 261(1) तथा 262 (2) के तहत अवैध घोषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब एक बजे वे 13 सदस्यीय टीम के साथ अभियान चलाने निकले। टीम ने डीएलएफ कॉलोनी में छह, हुड्डा कॉम्प्लेक्स में तीन, मॉडल टाउन में छह, सिविल रोड पर एक, शिवाजी कॉलोनी में तीन, छोटूराम नगर में तीन, हरी नगर में दो और दिल्ली रोड पर दो बिल्डिंगों को सील किया। डीएलएफ कॉलोनी में सील करने के दौरान विरोध हुआ। विरोध करने वालों का कहना था कि जब निर्माण हो रहा था, तब क्यों नहीं रोका गया। बना भवन सील करना गलत है। इसके बावजूद 26 बिल्डिंगों को सील कर दिया है।
रिवाइज प्लान जमा करें अन्यथा पूर्ण रूप से होगी सीलिंग
नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने कहा है कि मानक विरुद्ध बिल्डिंग बनाने वाले वन टाइम कंपोजिशन पॉलिसी के तहत रिवाइज भवन प्लान जमा करवाएं। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 263ए के तहत बिल्डिंग पूर्ण रूप से सील की जाएगी। निगम की बढ़ी सीमा में अवैध निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शीघ्र होगी। उन्होंने लोगों से कहा कि अनाधिकृत क्षेत्र में कोई निर्माण नहीं करें और खरीद-फरोख्त से बचें। ऐसा करने वालों पर नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
नियम विरुद्ध बनी बिल्डिंगों के खिलाफ नगर निगम ने अभियान शुरू कर दिया है, जो लगातार चलेगा। हिदायत है कि बिल्डिंग स्वामी खुद अवैध निर्माण रोके अथवा गिरा लें। निगम से चिह्नित अवैध बिल्डिंग शत-प्रतिशत सील की जाएगी।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम