उच्च शिक्षा निदेशालय ने पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि अगले आदेश तक बढ़ा दी है। सोमवार देर शाम इस संबंध में निर्देश जारी किया गया। वहीं, वेरिफिकेशन के लिए मॉड्यूल सोमवार को भी पोर्टल पर नहीं आया।
पीजी कक्षाओं में दाखिले के लिए सात से 17 अक्तूबर तक ऑनलाइन फॉर्म भरे जाने थे। 18 अक्तूबर की देर शाम निदेशालय ने रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ा दी है। उधर, उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार 11 अक्तूबर से ऑनलाइन वेरिफिकेशन का काम होना था। लेकिन 11 से अब तक वेरिफिकेशन का मॉड्यूल ही जारी नहीं हो सका है। कॉलेजों को अपने से संबंधित फॉर्मों का वेरिफिकेशन करना था, जो वे नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, उच्च शिक्षा निदेशालय घोषणा कर चुका है कि 22 अक्तूबर को पीजी की पहली मेरिट लिस्ट जारी होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि निदेशालय अब मॉड्यूल जारी ही नहीं करेगा। मेरिट जारी होने के बाद जब विद्यार्थी कॉलेज पहुंचेंगे तो मौके पर ही उनके कागजात का वेरिफिकेशन होगा। उधर, अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं में दाखिले की प्रक्त्रिस्या जारी है। कॉलेजों में इक्का-दुक्का विद्यार्थी पहुंच रहे हैं, ओपन काउंसिलिंग के जरिये उन्हें दाखिला दिया जा रहा है। यूजी में दाखिले को 25 अक्तूबर तक रजिस्ट्रेशन हो सकेगा, दाखिले 26 अक्तूबर तक किए जा सकेंगे।
एमडीयू में सीट बढ़ाने के लिए सौंपा ज्ञापन
छात्र एकता मंच ने 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर एमडीयू रजिस्ट्रार के नाम ज्ञापन सौंपा। मंच की मनीषा व अन्य विद्यार्थियों ने कहा कि एमडीयू में प्रवेश के लिए फिजिकल काउंसिलिंग हो चुकी है। ज्यादा अंक होने के बावजूद बहुत से विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिला है इसलिए 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएं। कैंपस बंद होने और ऑनलाइन कक्षाओं के कारण विद्यार्थियों का काफी नुकसान हुआ है। जब स्कूलों में फिजिकल क्लास लग सकती हैं, कॉलेजों में भी लग रही हैं तो एमडीयू में ऑफलाइन पढ़ाई में क्या दिक्कत है। एमडीयू में पिछले कई दिनों से कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है, जिस कारण विद्यार्थियों के काम नहीं हो पा रहे हैं। न माइग्रेशन मिल रहा है, न नतीजे आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द एमडीयू प्रशासन ने इस पर संज्ञान न लिया तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।