रोहतक में प्रदर्शन कर रहे मजदूर
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बहुमंजिला बिल्डिंग से गिरकर शनिवार को दो श्रमिकों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को सैकड़ों की संख्या में श्रमिक डीसी आवास के बाहर एकत्रित हुए। यूनियन नेता संजीव ने कहा कि बिहारी भी देश के रहने वाले हैं, लेकिन उनके साथ प्रवासियों जैसा व्यवहार किया जाता है। जब तक मृतकों के परिवारों को मुआवजा नहीं मिलेगा और सभी मजदूरों का पंजीकरण नहीं होगा तब तक वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। एसडीएम ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
शहर के छोटूराम चौक के नजदीक संत नगर वाली गली में 4 मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। शनिवार सुबह करीब 9ः00 बजे बिहार निवासी उत्तम व गौतम काम पर पहुंचे। दोनों परिवार सहित शहर के ही सुनारिया चौक के पास रह रहे थे। अचानक शटरिंग टूटने से एक मजदूर गिरने लगा। दूसरे मजदूर ने उसको हाथ पकड़कर बचाने की कोशिश की। लेकिन संतुलन बिगड़ने से दोनों ही नीचे गली में आ गिरे। सिर में चोट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इसके विरोध में रविवार सुबह सैकड़ों की संख्या में बिहार से आए श्रमिक मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए और डीसी आवास तक प्रदर्शन किया। डीसी आवास के बाहर श्रम विभाग द्वारा मजदूरों का पंजीकरण न करने का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की, शासन प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। श्रमिकों की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फुल गए। तत्काल पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। दोपहर 12ः00 शुरू हुआ प्रदर्शन 2ः00 बजे के बाद भी जारी है।
एसडीएम राकेश कुमार और डीएसपी डॉ. रविंदर श्रमिकों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन श्रमिक उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। मजदूरों ने मांग पूरी होने के बाद ही अंतिम संस्कार का निर्णय लिया है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने दो श्रमिकों की मौत के मामले में मामला दर्ज कर जांच पड़ताल भी शुरू दी है।