कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में मूलरूप में भिवानी के बड़ेसरा हाल महम के वार्ड नंबर एक निवासी प्रीति पंवार ने अपने चाचा राजा विनोद से बॉक्सिंग के गुर सीखे। महज तीन साल में इस बेटी ने चीन में चल रहे एशियन गेम्स में अपना पदक व ओलंपिक कोटा पक्का कर अपनी प्रतिभा दर्शाई है। प्रीति अपने तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी है। छोटी बहन व भाई पढ़ाई कर रहे हैं। पिता सोमबीर हरियाणा पुलिस में एएसआई हैं। वे कबड्डी के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं। चाचा राजा विनोद बॉक्सिंग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।
पिता एएसआई साेमबीर ने कहा कि बड़ेसरा गांव में रहते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा व अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो रही थी। इसलिए महम में आ बसे। बेटी ने एशियन गेम्स में ओलंपिक कोटा हासिल कर सभी का मान बढ़ाया है।
चाच राजा विनोद ने बताया कि प्रीति ने 13 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी। उस समय वह दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाई। इस कारण उसने खेल छोड़ पढ़ाई में ध्यान लगाया। कोविड के खाली समय में उसने दोबारा बॉक्सिंग शुरू की। इस बार कड़ी मेहनत से खुद को तपाया और मुड़ कर नहीं देखा।