हमारे यहां सालों से घेवर बन रहा है। अब चीनी का प्रयोग बंद कर दिया है क्योंकि स्वास्थ्य के चलते जनता इसे पसंद नहीं कर रही है। अब देशी खांड में ही हम घेवर तैयार करवा रहे हैं। 15 मई से इसे बनाने का काम शुरू है और 8 अगस्त तक चलेगा। यदि मौसम में नमी आगे भी रहती है तो काम जारी रहेगा। इसमें जब तक स्वाद रहता है तब तक लोग इसे खरीदते हैं। - वीरेंद्र राठी, प्रधान, दुर्गा कॉलोनी ट्रेडर एसोसिएशन।