राष्ट्रपति भवन घेराव के मामले में दस वर्ष बाद आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद को बुधवार को राहत मिली। पटियाला हाउस अदालत ने वर्ष 2013 के मामले में आरोपी को बाइज्जत बरी करने का फैसला दिया। नवीन जयहिंद ने कहा कि हमने कोई गलती नहीं की। वहां साथियों के साथ प्रदर्शन किया था। अब दस वर्ष बाद सच की जीत हुई है।
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बुधवार को पटियाला हाउस अदालत ने दोषी न मानते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। इस दौरान तीन प्रदर्शनकारी मास्टर हुकुम सिंह, सुरेश व प्रदीप चल बसे। इसके अलावा डॉ. बलजीत सिंह, कुलदीप कौशिक, कुलदीप कादयान, मुनीश भारद्वाज, नरेश मूर्ति, मनमोहन सिंह, अनुपम, रोहतास, पवन, राजेश, रणधीर चौहान, नीरज शर्मा व अन्य बरी हुए।
यह है मामला
बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2013 में सभी राजनीतिक पार्टियों के आरटीआई के दायरे में लाने का अध्यादेश लागू किया था। इसे मानने से इनकार करते हुए नवीन जयहिंद ने साथियों के साथ राष्ट्रपति भवन का घेराव कर उन्हें मामले में संज्ञान लेने की अपील की थी। उस समय प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद से केस चल रहा था।