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ट्रेन में डकैती के पांच आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी

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करीब तीन साल पहले रोहतक से पानीपत जा रही पैसेंजर ट्रेन में डकैती के पांच आरोपियों को आज अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। सभी जसिया गांव के रहने वाले हैं।
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बचाव पक्ष के वकील तेजबीर अहलावत ने बताया कि चार जनवरी 2019 को जीआरपी रोहतक ने ट्रेन में डकैती का मामला दर्ज किया था। इसमें पानीपत के पसीना खुर्द निवासी कृष्ण, जींद के सिंघाना गांव निवासी प्रतीक व रोहतक के घिलौड़ गांव निवासी रवि ने शिकायत दी थी। कृष्ण ने दी शिकायत में बताया था कि उसकी भांजी रोहतक पीजीआई में दाखिल है। वह प्रतीक के साथ पीजीआई आया था। सुबह 4 बजे रोहतक से पानीपत जाने के लिए पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए। मकड़ौली रेलवे स्टेशन पर जब गाड़ी रुकी तो पांच-छह युवक उनके डिब्बे में चढ़ गए। उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। उससे 3200 रुपये व मोबाइल फोन छीन लिया, जबकि उसके जीजा से 6200 रुपये व मोबाइल छीन लिया। आरोपियों ने दोनों के सिम निकालकर वापस दे दिए। युवक जसिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतरकर भाग गए। जब वे पानीपत रेलवे स्टेशन पर उतरे तो दूसरे डिब्बे से घिलौड़ कलां निवासी रवि ने भी बताया कि उससे भी 2850 रुपये व मोबाइल फोन मारपीट करके छीना है। तीनों वापस रोहतक स्टेशन पर आए और जीआरपी थाने में डकैती का मामला दर्ज करवाया।
एसपी जीआरपी की जांच के बाद जोड़ी थी डकैती की धारा
रोहतक जीआरपी ने मामले में छीना-झपटी की धारा के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक रेलवे हिसार की जांच के बाद केस में डकैती की धारा जोड़ी गई।
मोबाइल की जांच के बाद सात को काबू किया
पुलिस ने मामले में लूटे गए मोबाइल के प्रयोग पर साइबर सेल की मदद से नजर रखनी शुरू की। पुलिस को पता लगा कि जसिया गांव के युवक यात्री प्रतीक का मोबाइल प्रयोग कर रहे हैं। पुलिस ने दो युवकों को काबू कर लिया। इसके बाद पूछताछ के बाद पांच और हाथ आए। सात आरोपियों में दो नाबालिग थे, जबकि पांच के खिलाफ जिला अदालत में तभी से केस चल रहा था। सोमवार को अदालत ने पांचाें आरोपियों को बरी कर दिया।
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