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भारत बंद के लिए सभी वर्गों को लामबंद करेंगे किसान

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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को होने वाले भारत बंद को लेकर किसान संगठनों ने सभी वर्गों को लामबंद करने का फैसला किया है। वे शुक्रवार सुबह अदालत परिसर में वकीलों से मिलकर उनका सहयोग मांगेंगे। ट्रांसपोर्टर, ऑटो मार्केट और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। 25 सितंबर को मशाल जुलूस या बाइक रैली निकाल कर दुकानदारों का सहयोग मांगेंगे। ताकि 27 सितंबर के बंद का असर शहर में भी दिखे।
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छोटूराम धर्मशाला में वीरवार शाम को किसान व अन्य संगठनों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता गुलशन डंग ने की। किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने बताया कि भाजपा समर्थक व्यापारी नेताओं को न्योता नहीं दिया था। बाकियों में से कुछ जलभराव की वजह से नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया है। बैठक में मौजूद लोगों ने एक स्वर में भारत बंद का समर्थन किया और शहर में अभियान चलाने का फैसला किया। इसके तहत सभी वर्गों के लोगों और संगठनों से भारत बंद की अपील की जाएगी। यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं है, कृषि कानून देश की जनता को बर्बाद कर देंगे। 27 सितंबर को शहर में बंद किया जाएगा। बैठक में जगमति सांगवान, बबिता हुड्डा, सुनीता हुड्डा, रमेश खासा, सुखबीर माथुर, कैप्टन शमशेर मलिक, सत्यनारायण हुड्डा, डॉ. आरएस दहिया, रामचंद्र सिवाच, सतबीर, जगबीर हुड्डा, प्रदीप मकड़ौली, संदीप हुड्डा, राहुल, सुमित दलाल, संदीप सिंह, विनोद, बलजीत सिंह मौजूद थे।
ये संगठन हुए शामिल
तमाम संगठनों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए, कुछ ने समर्थन का आश्वासन दिया। इनमें किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी), भाकियू (टिकैत), व्यापार मंडल, ज्ञान विज्ञान समिति, सीटू, प्रोग्रेसिव एक्स सर्विसमेन फेडरेशन ऑफ इंडिया, नौजवान सभा, खेत मजदूर यूनियन, एसएफआई, जनवादी महिला समिति, आढ़ती एसोसिएशन और कई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन शामिल हैं।
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