अब इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय नए पैटर्न से परीक्षा कराएंगे। नया पेटर्न ब्लूम लेवल के आधार पर होगा। उससे विद्यार्थियों के अंकों के साथ ही यह भी पता लग सकेगा कि उनकी शिक्षा का स्तर कैसा है और उनको उसमें किस स्तर का सुधार करने की जरूरत है। एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग की परीक्षा प्रणाली में यह बदलाव किया है, जिसमें ब्लूम लेवल एक से छह तक बांटे गए हैं और उनमें रटने से लेकर तैयार करने तक को रखा गया है।
प्रश्न पत्र को तैयार करते हुए लेवल से लेकर अंक तक प्रश्नों के सामने लिखने होंगे तो एक प्रश्न में कई लेवल भी शामिल करके परीक्षा में दिए जा सकते हैं। एआईसीटीई के इस बदलाव को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल 10 दिसंबर से शुरू होने वाली बीटेक और एमटेक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में लागू करेगा। इसके साथ ही इस बदलाव को लागू करने वाला यह देश का पहला विश्वविद्यालय बन जाएगा।
एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन) ने परीक्षा सुधार के तहत योजना बनाई है, जिससे देशभर के विश्वविद्यालयों लागू कराकर उसके आधार पर परीक्षाएं कराई जा सकें। इसका फायदा विद्यार्थियों को मिल सके, जहां अभी तक प्रश्न पत्र में प्रश्न और उनके सामने अंक लिखे होते हैं, वहीं अब ऐसा नहीं होगा। अब प्रश्न पत्र को नए तरीके से तैयार किया जाएगा, जिसको ब्लूम लेवल के आधार पर तैयार करना होगा।
इसके लिए एआईसीटीई ने छह ब्लूम लेवल तय किए हैं और उनमें रटने से लेकर कुछ भी तैयार करने तक को शामिल किया गया है। जिनके आधार पर विद्यार्थी खुद भी यह आकलन कर सकेंगे कि वे इस लेवल तक की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और उनको आगे इस स्तर के लिए मेहनत करनी होगी। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एमएस धनखड़ के अनुसार 10 दिसंबर से बीटेक और एमटेक की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में नए तरीके को लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस ब्लूम लेवल सिस्टम को लागू करने वाला यह देश का पहला विश्वविद्यालय होगा, क्योंकि इसे अभी तक किसी ने लागू नहीं किया है।
इस तरह एक से छह तक होंगे ब्लूम लेवल
बीएल 1-इसमें रटने वाले प्रश्न रखे जाएंगे।
बीएल 2-इसमें उन प्रश्नों को रखा जाएगा जो समझे जा सकें।
बीएल 3-इसमें समझकर क्रियान्वयन करने वाले प्रश्न रखे जाएंगे।
बीएल 4-इसमें विश्लेषण करने वाले प्रश्न शामिल किए जाएंगे।
बीएल 5-इसमें मूल्यांकन करने वाले प्रश्न रखे जाएंगे।
बीएल 6-इसमें कुछ तैयार करने वाले प्रश्न रखे जाएंगे।
प्रश्न पत्र में लेवल और अंक लिखने होंगे, एक प्रश्न में कई लेवल हो सकेंगे
मुरथल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एमएस धनखड़ ने बताया कि अब किसी भी प्रोफेसर के लिए प्रश्न पत्र तैयार करना मुश्किल होगा, क्योंकि उसको इन ब्लूम लेवल के आधार पर प्रश्न पत्र तैयार करना होगा। प्रश्नप पत्र में प्रश्न के सामने ब्लूम के लेवल और अंक दोनों लिखने जरूरी होंगे और एक प्रश्न में एक से ज्यादा ब्लूम लेवल होंगे तो उसके सामने उन सभी को लिखना होगा।
इसके साथ ही प्रश्न पत्र में चार यूनिट रखी जाएंगी, जिनमें हर यूनिट में दो-दो प्रश्न होंगे और उन दोनों प्रश्नों के कम से कम दो और अधिक से अधिक चार पार्ट रखे जाएंगे। इन चार यूनिट की हर यूनिट से एक प्रश्न करना होगा तो इन चार यूनिट से अलग एक प्रश्न रखा जाएगा जो चार पार्ट का होगा और वह प्रश्न अनिवार्य होगा।
पेपर के हर प्रश्न के अंक की एंट्री होगी, विद्यार्थी खुद करेंगे अपना आकलन
कोई भी पेपर होने पर अभी तक विद्यार्थी को मिलने वाले अंकों की एंट्री पेपर के आधार पर होती थी, लेकिन अब ऐसा भी नहीं होगा। ब्लूम लेवल सिस्टम लागू होने पर हर पेपर के सभी प्रश्न के अंकों की एंट्री अलग-अलग करनी होगी, जिससे विद्यार्थी यह देख सके कि वह उस प्रश्न को किस लेवल तक कर सका है और उसे कितने अंक मिले है। इस तरह विद्यार्थी खुद यह आंकलन कर सकेंगे कि वह किस लेवल तक पढ़ चुके है। वह केवल अभी रटने तक अटके हुए हैं या वह मूल्यांकन कर सकते है या वे कुछ तैयार भी कर सकते हैं।
अभी बीटेक-एमटेक में होगा लागू
हमारे विश्वविद्यालय में इस बार ब्लूम लेवल के आधार पर परीक्षा कराई जाएगी और इसका बेहतर परिणाम आगे दिखाई भी देगा, क्योंकि विद्यार्थी खुद आकलन करेंगे कि वे किस स्तर पर चल रहे हैं। इसे अभी बीटेक और एमटेक के लिए लागू किया जा रहा है और इसे अन्य कक्षाओं के लिए भी लागू कर दिया जाएगा।
- प्रो. राजेंद्र अनायत, वीसी मुरथल यूनिवर्सिटी