रोहतक। विजिलेंस ने सुभाष चौक स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में छापा मारकर मंडल लेखा अधिकारी (डिवीजनल अकाउंट ऑफिसर) विजय सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विजय सिंह बिल पास करने की एवज में ठेकेदार से रिश्वत मांग रहा था। बुधवार को विजिलेंस की टीम आरोपी अधिकारी को अदालत में पेश करेगी।
विजिलेंस के इंस्पेक्टर रामनिवास ने बताया कि विशाल नगर निवासी सुंदर सिंह रेढ़ू ने लिखित शिकायत दी कि वह जनस्वास्थ्य विभाग की डिवीजन दो के अंतर्गत ठेकेदारी का कार्य करता है। 2022 में उसने सांपला में विभाग के लिए ट्यूबवेल लगाए थे। बिल पास करवाने के लिए विभाग के डिवीजनल ऑफिसर विजय सिंह से संपर्क किया। विजय सिंह करीब 3.80 लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने लगा। उसकी मोबाइल फोन पर रिकाॅर्डिंग भी है। विजिलेंस ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिश्वत मांगने का केस दर्ज कर उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।
डीसी कार्यालय से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाया गया। मंगलवार शाम पौने पांच बजे जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पहुंचकर ठेकेदार ने आरोपी अधिकारी विजय सिंह को 20 हजार रुपये दे दिए। इशारा पाकर टीम ने दबिश दी और आरोपी को काबू किया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास रिश्वत के रूप में ली गई राशि बरामद हो गई। विजिलेंस की टीम आरोपी को अपने साथ विजिलेंस थाने में ले गई।
बक्सर का रहने वाला है आरोपी, पांच साल बाद सेवानिवृत्ति पूछताछ के बाद विजिलेंस ने बताया कि आरोपी मूलरूप से बिहार के बक्सर जिले के सिंसभा गांव का रहने वाला है। साथ ही 12 साल से पुरानी आईटीआई के नजदीक रह रहा है। 55 साल की उम्र में विजिलेंस ने उसे रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जबकि पांच साल बाद उसकी सेवानिवृति है।
बक्सर का रहने वाला है आरोपी, पांच साल बाद सेवानिवृत्ति पूछताछ के बाद विजिलेंस ने बताया कि आरोपी मूलरूप से बिहार के बक्सर जिले के सिंसभा गांव का रहने वाला है। साथ ही 12 साल से पुरानी आईटीआई के नजदीक रह रहा है। 55 साल की उम्र में विजिलेंस ने उसे रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जबकि पांच साल बाद उसकी सेवानिवृति है।