एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया है। एक दिन पहले आरोपी को दोषी करार दिया था, 2018 में वारदात हुई थी। दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
हरियाणा के रोहतक में पांच साल पहले नाबालिग से घर में घुसकर दुष्कर्म के दोषी चाचा को अदालत ने शुक्रवार को 10 साल कैद व ढाई हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक नाबालिग ने 2018 में सदर थाने में शिकायत दी थी कि वह परिवार सहित घर पर सो रही थी। उसकी नानी, मां व बड़ा भाई अगले कमरे में और वह छोटे भाई के साथ पिछले कमरे में सो रही थी। रात को खिड़की के रास्ते एक युवक अंदर घुस आया, जो दूसरे गांव का होने के बावजूद रिश्ते में उसका चाचा लगता था।
आरोपी उसके कमरे तक पहुंचा और मुंह दबाकर बालों से घसीटते हुए घर के एक कोने में ले गया। वहां पर उसके साथ गलत काम किया। किसी तरह उसने शोर मचाया। उसकी मां व परिवार के अन्य लोग आए और उसे आरोपी के चंगुल से छुड़वाया।
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इसके बाद आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।
गुरुवार को अदालत ने आरोपी पर आईपीसी की धारा 457 व 506 के तहत एक-एक साल की कैद व पांच-पांच रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 15-15 दिन की सजा, आईपीसी की धारा 376 के तहत 10 साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर दो माह की सजा भुगतनी पड़ेगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।