फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak Court News: महिला ASI की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, 15 हजार रुपये जुर्माना

Mon, 06 Jun 2022 09:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत से फैसला सुनाया है। महिला एएसआई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या का राज खुला था। जिसके अनुसार उनको जहर देकर मारा गया था। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के रोहतक में महिला एएसआई पपीता की हत्या के आरोपी उसके पति हिसार के गांव भाटोल खरकड़ा निवासी पवन को अदालत ने दोषी करार दिया है, जो पेशे से वकील है। सोमवार को एएसजे गगनगीत कौर की अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर नौ माह की सजा भुगतनी पड़ेगी। 

विज्ञापन


पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अक्तूबर 2020 में भिवानी जिले के गांव बड़ेसरा निवासी पवन ने दी शिकायत में बताया था कि उसकी बहन पपीता का विवाह 15 साल पहले हिसार के भटोल गांव निवासी पवन कुमार के साथ हुआ था। वह हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर रोहतक में कार्यरत थी।

उसके पास पपीता के पति का फोन आया कि तेरी बहन ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वह परिवार सहित रोहतक पहुंचा। उस समय उसकी बहन निजी अस्पताल के आईसीयू में दाखिल थी, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। 
विज्ञापन


पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज, लीवर फटने से हुई मौत 
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके जीजा की बातों पर विश्वास करके बताए गए बयान दर्ज करवा दिए। बहन की अंतिम क्रिया के दौरान वह बहन के घर पर था। वहां से पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में पता चला कि उसकी बहन के हाथ व पैरों पर भी चोटें मिली हैं। साथ ही लीवर फटा हुआ था, जिससे उसकी मौत हुई है।

उसे यकीन हो गया कि उसकी बहन को उसके पति पवन ने चोटें मारी और जहर देकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। तभी से आरोपी के खिलाफ जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।

सोमवार को अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि आईपीसी की धारा 328 के तहत 10 साल की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर 3 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें