अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत ने तीन साल पहले हिसार रोड पर हुए खूनी संघर्ष में खरावड़ सरपंच सहित सात आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने सरपंच बिजेंद्र सिंह को तीन साल और एक दोषी आनंद उर्फ बच्ची को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हिसार रोड पर 2014 में महेंद्र और आनंद उर्फ बच्ची गुट में जमकर फायरिंग हुई थी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार पांच जनवरी 2014 को हिसार रोड स्थित राजू दांगी के ऑफिस पर एक मकान को लेकर दो पक्षों की पंचायत हो रही थी। कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों में फायरिंग शुरू हो गई थी। फायरिंग में मोनू नामक युवक की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में दो केस दर्ज किए गए थे। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद आनंद उर्फ बच्ची, जितेंद्र, संदीप, बिजेंद्र सरपंच, मंजीत, महेंद्र और नसीब को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अदालत ने आनंद उर्फ बच्ची को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपये जुर्माना लगाया।
जुर्माना न भरने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सरपंच बिजेंद्र, मंजीत, नसीब को हत्या प्रयास में तीन साल कैद, दस हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त कैद, जितेंद्र और महेंद्र को आर्म्स एक्ट में छह माह कैद, दो हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद और संदीप को आर्म्स एक्ट में एक साल कैद, दो हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।