हरियाणा के रोहतक में राजस्थान पुलिस का फर्जी अधिकारी बनकर आया रणधीर सिंह मूलरूप से झज्जर जिले के साल्हावास खंड के गांव किठाना का रहने वाला है। रविवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से एक दिन के रिमांड पर लिया है।
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पुलिस उसे रेवाड़ी लेकर पहुंची, जहां राजस्थान पुलिस की नकली मोहर बनवाई गई थी। हालांकि मुहर बनाने व गाड़ी का असली मालिक हाथ नहीं आ सका। गाड़ी चालक को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। उसने बताया था कि वह तो केवल किराये पर गाड़ी चलाता है।
लाढ़ोत गांव निवासी ओमप्रकाश ने शनिवार को शिकायत दी थी कि वह राजस्थान पुलिस में सिपाही था। 2007 में उसे बर्खास्त कर दिया गया था। तब से वह घर पर ही है। शनिवार सुबह एक गाड़ी उसके घर के बाहर आकर रुकी। एक 55 वर्षीय व्यक्ति सिविल कपड़े में अंदर आया। जबकि ड्राइवर बाहर खड़ा रहा गया।
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अंदर आए व्यक्ति ने कहा कि वह रणधीर सिंह निवासी झोटवाड़ा, विजय नगर जयपुर का रहने वाला है। साथ ही राजस्थान पुलिस में आईपीएस है और एसपी के तौर पर तैनात हूं। ओमप्रकाश से कहा कि वह दोबारा आपको न केवल नौकरी दिलवा देगा, बल्कि पिछला बकाया भी मिल जाएगा।
इस काम के लिए 3 लाख रुपये देने होंगे। शक होने पर ओमप्रकाश ने गांव के सरपंच, वार्ड पार्षद व पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से राजस्थान पुलिस की वर्दी, एसपी व डीएसपी का पहचान पत्र और दो मोहर बरामद हुई थी।