रोहतक में जिला अदालत में दो परिवारों को सात माह के अंदर न्याय मिल गया। एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर ने सोमवार को पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति को चार साल कैद व एएसजे नरेश कुमार ने घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को तीन साल की सजा सुनाई। दोनों फास्ट ट्रैक कोर्ट है, जहां आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सात माह के अंदर फैसला सुनाया गया है।
अगले दिन शाम करीब साढ़े पांच बजे उसके दामाद अशोक का फोन आया कि आपकी बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। सूचना पाकर भालौठ गांव से परिवार के लोग काहनौर पहुंचे। बेटी का शव फंदे से लटका हुआ था।
पुलिस ने अशोक को पत्नी को पीट पीट कर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। तभी से जिला अदालत की डॉक्टर गगनगीत कौर की फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चल रहा था। शुक्रवार को अदालत ने आरोपी अशोक को दोषी करार दिया था, जिसे सोमवार को कोर्ट ने चार साल कैद की सजा सुनाई।
नाबालिग के साथ घर में घुसकर की थी छेड़छाड़
वहीं, एएसजे नरेश कुमार की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को घर में घुसकर छेड़छाड़ के केस में आरोपी युवक राहुल को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। मामले के अनुसार जून 2021 में एक महिला ने शिकायत दी थी कि वह किसी कार्य से घर से बाहर हुई थी। घर पर उसकी नाबालिग बेटी थी। उसने फोन किया कि मां जल्दी घर आ जाओ। वह घर पहुंची तो बेटी घबराई हुई थी।
उसने बताया कि एक युवक जबरन घर में घुस आया और छेड़छाड़ करने लगा। पीड़िता आरोपी को धक्का देकर बाहर निकल आई। नाबालिग की मां ने आरोपी युवक के घर जाकर शिकायत दी, लेकिन आरोपी नहीं मिला। इसके बाद पीड़िता नजदीक के पुलिस स्टेशन पहुंची और मामला दर्ज करवाया।