हरियाणा के रोहतक में डेढ़ माह पहले भैणी चंद्रपाल गांव में जमीन के विवाद में बड़े भाई रूप सिंह की हत्या कर फरार हुए अजमेर सिंह और उसके बेटे मोहित व रसूक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश कर आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है, इन्हें कल अदालत में पेश किया जाएगा।
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने पहले बिहार के मुंगेर से तीन पिस्तौल व 106 कारतूस खरीदे। गांव में पहुंचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया और राजस्थान के झुंझुनू में जाकर छुप गए। बहन के घर झज्जर जिले के गांव ढाकला आए तो वाहन चोर निरोधक दस्ते (एवीटी स्टाफ) की टीम ने आरोपी अजमेर को उसके दोनों बेटो सहित दबोच लिया।
डीएसपी महम संदीप कुमार ने एवीटी स्टाफ के कार्यालय में पत्रकारा वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कि चार मार्च को सूचना मिली थी कि भैणी चंद्रपाल गांव में जमीन के विवाद को लेकर 55 वर्षीय रूप सिंह को गोली मार दी गई है। दो गोली लगने से घायल रूप सिंह को महम के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था तीनों पर
प्रारंभिक जांच मे सामने आया कि रूप सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। जमीन की खेवट को लेकर भाइयों का आपस मे विवाद चल रहा था। चार मार्च को रूप से घर में अजमेर व उसका बेटा मोहित व रसूक घर में हथियार लेकर घुस आए। अजमेर व उसके बेटे ने रूप सिंह पर गोली चला दी। रूप सिंह की पत्नी अनिता ने अपने पति का बचाव किया तो एसे धक्का मारकर गिरा दिया। महम थाने में हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को तलाश किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाद में पुलिस ने तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर चरखी दादरी होते हुए पहुंचे राजस्थान
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हत्या की वारदात अंजाम देने के लिए बिहार के मुंगेर से तीन देसी पिस्तौल व कारतूस खरीदे। हथियार जैसे ही रोहतक पहुंचे तो वारदात को अंजाम देने की योजना तैयार की। तीनों ट्रैक्टर लेकर गांव में आए और गोली मारकर फरार हो गए। पहले चरखी दादरी पहुंचे। इसके बाद राजस्थान के झुंझुनू चले गए। वहां पर किराये पर कमरा लेकर खेतीबाड़ी का काम करने लगा। साथ ही खुदाई कर मिट्टी डालने का काम भी किया।
एक माह झुंझुनू रहने के बाद लगा कि पकड़े नहीं जाएंगे इसलिए झज्जर जिले के गांव ढाकला आ गए। यहां अजमेर की बहन का घर है। पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को दबोच लिया। कब्जे से ट्रैक्टर भी बरामद किया। साथ में तीन देसी पिस्तौल व 106 कारतूस भी मिले हैं। आरोपियों के खिलाफ पहले भी एक केस दर्ज है, इसमें वह फरार चल रहे थे।