सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता के सख्त तेवर से नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। फैसला हुआ है कि खाली प्लाटों से निगम की टीम गंदगी हटाएगी और प्लाट मालिक से जुर्माना वसूल करेगी। जुर्माने का निर्धारण सफाई में लगे कर्मियों का एक दिन का वेतन, वाहन खर्च आदि होगा। जुर्माना अदा नहीं करने पर प्रॉपर्टी टैक्स में जोड़ दिया जाएगा।
सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त के सामने शहर की गंदगी का मसला उठा था। इसमें पता चला कि तीन माह में करीब 2200 गंदगी की शिकायतें नगर निगम में आई हैं। खाली प्लाटों पर पड़ी गंदगी के मसले पर निगम अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर आयुक्त ने कहा कि जिस प्लाट पर गंदगी पड़ी हो, उसके मालिक पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस पर निगम प्रशासन ने खाली प्लाटों पर पड़ी गंदगी के मसले पर सख्त फैसला लिया है। निगम रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 1.89 प्रॉपर्टी हैं, जिनमें करीब 50 हजार खाली प्लाट हैं।
निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि खाली प्लाटों में जमा गंदगी साफ कराने का फैसला लिया गया है। तय किया गया है कि जिन प्लाटों से गंदगी साफ की जाएगी, उनके मालिक से जुर्माना वसूला जाएगा। जुर्माना राशि का निर्धारण सफाई में लगे कर्मियों का एक दिन का वेतन, गंदगी उठाने में इस्तेमाल वाहन में प्रयुक्त ईंधन और किराये का खर्च शामिल किया जाएगा। यदि मौके पर प्लाट मालिक जुर्माना अदा नहीं करता है अथवा नहीं मिलता है, तो निगम जुर्माना राशि को प्रॉपर्टी टैक्स में शामिल कर देगी। इसके बाद जब भी एनडीसी की जरूरत होगी तभी जुर्माना राशि ब्याज सहित अदा करनी होगी। वहीं, प्लाटों से गंदगी हटाने को लेकर निगम के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उदयभान ने बताया कि चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों, सेनेटरी इंस्पेक्टर व एएसआई को अपने-अपने क्षेत्र में खाली पड़े प्लाटों पर पड़ी गंदगी साफ करने के आदेश कर दिए गए हैं। सफाई से पहले प्लाट में बिखरी पड़ी गंदगी की फोटो व वीडियोग्राफी करनी होगी ताकि जरूरत पर प्लाट मालिक को साक्ष्य के तौर दिखाई जा सके। नगर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि जल्दी ही खाली पड़े प्लाटों में गंदगी साफ कराई जाएगी। इनके प्लाटों में गंदगी मिलेगी, उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा।