रोहतक। नगर निगम ने बुधवार से हरियाणा बिल्डिंग कोड का उल्लंघन करके बनाई गईं 200 रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों के स्वामियों को नोटिस थमाना शुरू कर दिया है। हिदायत दी जा रही है कि 15 दिन में चार मंजिल निर्माण का संशोधित नक्शा जमा नहीं कराने और पांचवीं मंजिल नहीं तोड़ने पर निगम सीलिंग की कार्रवाई करेगा।
हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुसार चार मंजिल से ज्यादा रिहायशी निर्माण नहीं हो सकता है। पांचवीं मंजिल रिहायशी तभी होगी जब ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। बावजूद इसके निगम अधिकारियों की ढिलाई के चलते शहर के प्रमुख पॉश इलाकों में पांच मंजिल तक इमारतों का निर्माण हो गया है और वर्तमान में जारी भी है। विगत दिनों निगम ने पांच मंजिल निर्माणाधीन इमारतों पर कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ की थी। दो दिन के अंदर तीन इमारतों की पांचवीं मंजिल तोड़ी गई। एकजुट बिल्डिंग स्वामियों ने राहत के लिए राजनीतिक गलियारों में दौड़ लगानी शुरू कर दी है। इसके बाद निगम का अभियान थम गया। अब फिर से निगम ने न सिर्फ रिहायशी बल्कि व्यावसायिक इमारतों पर कार्रवाई का फैसला कर लिया है। इसके चलते शहर की करीब 200 इमारतों को चिह्नित करके बुधवार से नोटिस देना शुरू कर दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि अब अंतिम नोटिस दिया गया है, जिसमें स्पष्ट हिदायत है कि 15 दिन में यदि चार मंजिला इमारत निर्माण का संशोधित नक्शा और इमारत की पांचवीं मंजिल को नहीं तोड़ा गया तो निगम प्रशासन सीलिंग कार्रवाई करेगा। निगम के एटीपी जितेंद्र का कहना है कि इमारतों के स्वामियों को अंतिम नोटिस देना शुरू कर दिया गया है।